बिहार को मिलेगा पहला हाई-टेक ट्रैफिक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट

पटना जंक्शन के बाहर बनेगा ट्रैफिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, बिहार को मिलेगा पहला हाई-टेक ट्रैफिक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जंक्शन पर लगने वाला जाम राजधानी की सबसे पुरानी समस्याओं में से एक है, लेकिन अब यह स्थिति बदलने जा रही है। बिहार सरकार ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में पटना ट्रैफिक सिस्टम में ऐतिहासिक बदलाव की दिशा में कई बड़े फैसले लिए। उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पटना जंक्शन के बाहर ट्रैफिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाने की मंजूरी दी गई, जिसके बाद पटना का यातायात प्रबंधन पूरी तरह हाई-टेक मॉडल पर चलेगा।

बिहार का पहला आधुनिक ट्रैफिक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला रहा—बिहार में पहला आधुनिक ट्रैफिक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करना। यह संस्थान मुंबई और दिल्ली की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। एडीजी ट्रैफिक सुधांशु कुमार के अनुसार, इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार हो चुका है और पटना या उसके आसपास भूमि चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

इस इंस्टीट्यूट में जवानों से लेकर अफसरों तक को एक सप्ताह से छह महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें बेसिक, रिफ्रेशर और स्पेशल कोर्स शामिल होंगे। ट्रेनिंग के लिए देश-विदेश के अनुभवी ट्रैफिक विशेषज्ञ भी बुलाए जाएंगे।

प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर खास जोर

यह ट्रेनिंग सेंटर केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं होगा। जवानों को इंडोर-आउटडोर प्रैक्टिकल के माध्यम से ट्रैफिक प्रबंधन की वास्तविक स्थितियों के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा।
VIP मूवमेंट, भीड़भाड़ वाले आयोजन, त्योहार, मेले, रैलियां—सभी परिस्थितियों में ट्रैफिक नियंत्रण की तकनीकें सिखाई जाएंगी।

सबसे खास बात यह कि पूरे बिहार के प्रमुख मार्गों की विस्तृत ट्रैफिक मैपिंग ट्रेनिंग का हिस्सा होगी। जैसे—पटना जंक्शन से दानापुर तक कहां मोड़ है, कौन-सा फ्लाईओवर, किस गोलंबर पर वाहनों की रुकावट रहती है—हर जानकारी ट्रेनिंग मॉड्यूल में शामिल की जाएगी।

सीसीटीवी, कड़क कार्रवाई और जागरूकता अभियान

गृह मंत्री ने सभी पंचायतों और शहरी निकायों के एंट्री-एग्जिट पॉइंट पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया। ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई और अवैध पार्किंग हटाने के लिए प्राइवेट क्रेन लगाने के आदेश भी दिए गए।
साथ ही स्कूल-कॉलेजों और पंचायतों में बड़े पैमाने पर ट्रैफिक जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।

पटना जंक्शन के बाहर बनने वाला ट्रैफिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर न केवल भीड़भाड़ कम करेगा बल्कि ट्रैफिक पुलिस की कार्यकुशलता को कई गुना बढ़ाएगा। वहीं आधुनिक ट्रैफिक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट पूरे बिहार की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देगा।

Editor CP pandey

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