पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। “बाल सागर प्रतियोगिता” के अंतिम परिणाम आज घोषित किए गए। यह प्रतियोगिता शिक्षकों की रचनात्मकता और अभिव्यक्ति को मंच देने के उद्देश्य से टीचर्स ऑफ बिहार द्वारा आयोजित की गई थी। ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान आयोजित इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले शिक्षकों को एक चित्र देखकर बाल कथा लिखनी थी, और इस माध्यम से उन्होंने अपनी कल्पनाशक्ति, लेखन-कौशल एवं नैतिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता में मुख्य मूल्यांकन आधार रहे — शीर्षक की उपयुक्तता, सरल व सुबोध भाषा, चित्र-आधारित कथानक और नैतिक शिक्षा। राज्य के विभिन्न जिलों से शिक्षक-प्रतिभागी इस आयोजन में शामिल हुए और अपनी लेखनी से शिक्षा जगत के विविध विषयों को जीवंत किया।
टीचर्स ऑफ बिहार के संस्थापक शिव कुमार एवं टेक्निकल टीम लीडर ई. शिवेंद्र प्रकाश सुमन ने बताया कि उनकी संस्था इस तरह के प्लेटफ़ार्म से शिक्षकों को साहित्य की दिशा में प्रेरित करना चाहती है। आयोजक कुमारी निधि (राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 से सम्मानित), एडिटर सुबोध कुमार द्विवेदी एवं आस्था दीपाली ने बताया कि इस प्रतियोगिता को शिक्षकों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई।
विजेता सूची
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