ज्ञान, कर्म व भक्तियोग से परिपूर्ण थे बाबा राघवदास – डॉ.अजय मणि त्रिपाठी

परमहंस बाबा राघवदास व्याख्यानमाला का समापन समारोह

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
स्थानीय बाबा राघवदास भगवानदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय आश्रम बरहज में, बाबा राघवदास के 126 वीं जयंती पर राजनीतिक विज्ञान विभाग द्वारा, आयोजित व्याख्यानमाला का शनिवार को समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि एस एस बी एल इंटर कालेज, देवरिया के प्रधानाचार्य डॉ.अजय मणि त्रिपाठी ने कहा कि ज्ञानयोग, कर्मयोग एवं भक्तियोग तीनों का बाबा में समन्वय था। कहा कि यह संयोग सिर्फ गीता में है, उसके बाद इसका समुच्चय बाबा राघवदास के व्यक्तित्व एवंं कृतित्व में देखने को मिलता है।कहा कि शिक्षा संस्थानों का जितना पतन होगा उतना ही समाज का पतन होगा। शिक्षा व विद्यालय समाज का विषय है केवल राज्य का नहीं। शिक्षा जबसे राज्य का विषय बना तभी से इसमें गिरावट आई है। गौरव बोध के लिए बाबा जैसे व्यक्तित्व का अनुकरण किया जाना आवश्यक है। परमहंसाश्रम बरहज के पीठाधीश्वर आंजनेयदास महाराज ने कहा कि बाबा कुरितियों के विरोधी थे। वह आजीवन भारत माता के सेवा का व्रत धारण कर मानवता की सेवा में लगे रहे। प्राचार्य प्रो.शम्भुनाथ तिवारी ने सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए उनके प्रति आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम को विशिष्ट अतिथि विशुनपुर कलां इंटर कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य मंगल मणि त्रिपाठी, समाज सेविका श्रीमती सावित्री राय, अर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ.आभा मिश्र ने संबोधित किया। संचालन राजनीति विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.अरविंद पाण्डेय ने की। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा मां सरस्वती एवं बाबा राघवदास जी के चित्र के समक्ष पुष्पार्पण तथा दीप प्रज्वलित करके हुआ। मंगलाचरण स्वीकृति पांडेय ने तथा सरस्वती वंदना श्रेया तिवारी एवं प्रेमा मिश्रा ने प्रस्तुत किया। करीना खारुन, चंदा पांडेय, दीपशिखा निषाद, शालू जायसवाल, पल्लवी पाण्डेय एवं अनुप्रिया न भजन गाया। इस दौरान प्रमुख रूप से डॉ.सज्जन कुमार गुप्ता, आचार्य परशुराम पाण्डेय, डॉ.मंजू यादव, डॉ.वेद प्रकाश सिंह, डॉ.विवेकानंद पाण्डेय, प्रिंस उपाध्याय, सुंदरम तिवारी, रवीन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।

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