सिकंदरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
अंतर्राष्ट्रीय व्हीलचेयर दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया सर्व सेवा संस्थान नवरतनपुर द्वारा कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गतिशीलता से संबंधित दिव्यांगता वाले लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में व्हीलचेयर की भूमिका के बारे में अवगत कराना।
इस अवसर पर सिंधराज ने बताया कि इस दिन का उद्देश्य व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव को उजागर करना और उन लोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है जिन्हें व्हीलचेयर की आवश्यकता होती है। यह जागरूकता अभियान वर्ष 2008 से समुचे विश्व में संपादित किया जा रहा है। एक हज़ार से ज्यादा वर्षों तक, इन पहियेदार कुर्सियों को धकेलने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति की सहायता की ज़रूरत होती थी। 17वीं सदी के मध्य तक एक युवा जर्मन आविष्कारक ने एक ऐसी कुर्सी नहीं बनाई थी जिसे वह खुद चला सकता था, हैंडबाइक की शैली में। आखिरकार, स्व-चालित व्हीलचेयर आम हो गई, जिससे और भी ज्यादा आज़ादी मिली।
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