भारी बारिश के बीच डीएम ने तटबंधों का किया निरीक्षण

डीएम ने अराजी सुबाईन और अराजी जगपुर तटबंध पर बाढ़ निरोधक तैयारियों का लिया जायजा

बाढ़ चौकियों को सक्रिय करने और बाढ़ राहत तैयारियों को अद्यतन करने का दिया निर्देश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी संतोष कुमार द्वारा आज बाढ़ राहत एवं बाढ़ पूर्व तैयारी का जायजा लेने के लिए भारी बारिश के बीच तहसील नौतनवा में आराजी जगपुर और आराजी सुबाइन तटबंध का स्थलीय निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने आज पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित जनपद में भारी बारिश को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ निरीक्षण के लिए उक्त तटबन्धों को देखने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रोंहिन नदी का जलस्तर और बाढ़ निरोधक तैयारियों को देखा। अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड द्वितीय ने बताया कि जनपद में पहली बार नदियों द्वारा कटान को रोकने हेतु जियो टेक्सटाइल ट्यूब का उपयोग किया गया है। साथ ही नदियों के ढाल के बचाव के लिए जियो टेक्सटाइल बैग को दो परतों में बिछाया गया है। इन कार्यों से नदी द्वारा कटान को रोकने और तटबंधों के ढाल को बचाने में प्रभावी सफलता मिली है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज 55 मिमी वर्षा के बावजूद सभी तटबंध सुरक्षित हैं।
उन्होंने बाढ़ निरोधक कार्यों पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि बाढ़ के दृष्टिगत सभी अधिकारी और कर्मचारी चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रहें। उन्होंने नदियों के जलस्तर पर सतर्क निगाह रखने का निर्देश दिया। राजस्व व सिंचाई विभाग की निगरानी टीमों को सक्रिय करें। तटबंध की सुरक्षा हेतु सभी सामग्रियों को चिन्हित स्थलों पर भंडारित कर लें और उनके परिवहन हेतु वाहनों की भी व्यवस्था रखें। उपजिलाधिकारी नौतनवा को संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों की सूची तैयार करने और त्वरित राहत पहुंचने हेतु नावों, मल्लाहों की सूची अपडेट करने का निर्देश दिया। उन्होंने राहत चौकियों के नियमित निरीक्षण हेतु भी निर्देशित किया। तटबंधों पर पेट्रोलिंग रूट तय करने और नियमित पेट्रोलिंग का निर्देश दिया।
इससे पूर्व उन्होंने बाढ़ तैयारियों के संबंध में संबंधित विभागों के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने से बाढ़ पूर्व तैयारियों के संदर्भ में अधिकारियों को सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारियों को निर्देश प्रदान करते हुए कहा कि रोहिन एवं महाव नदी से प्रभावित संभावित बाढ़ ग्रामों का तत्काल मूल्यांकन किया जाए। बाढ़ चौकियों, सामुदायिक रसोई शेड, राहत शिविरों एवं खाद्यान्न वितरण स्थलों को पूर्णतः क्रियाशील कर लिया जाए।
इस दौरान बैठक में सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, सिंचाई विभाग के अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहें।

Karan Pandey

Recent Posts

जब गणेश ने पराक्रम को हराया: बुद्धि का शास्त्रोक्त महासंग्राम

“गणेश: बुद्धि का महासंग्राम – जब विघ्नहर्ता ने ब्रह्मांड को सिखाया विवेक का शास्त्र” 🕉️…

8 minutes ago

असलहा सटाकर सर्राफा कारोबारी से लाखो के सोने व चांदी के जेवरात की छिनैती

पिडवल मोड़ से दुकान बंद कर कोपागंज घर वापस लौट रहे थे कारोबारी मऊ (…

38 minutes ago

ॐ : एक नाद, जिसमें समाई है सृष्टि की सम्पूर्ण चेतना

जहां ध्वनि मौन में विलीन होकर साधना का परम लक्ष्य बन जाती है कैलाश सिंह…

41 minutes ago

शांति, साधना और शिल्पकला का संगम: उदयगिरि खंडगिरि गुफाओं की विशेष रिपोर्ट

जब करे ओडिसा की यात्रा एक बार जरूर जाए उदयगिरि–खंडगिरि की गुफाएं: ओडिशा की धरती…

2 hours ago

मकर संक्रांति: सूर्य की गति, संस्कृति की चेतना

नवनीत मिश्र भारतीय सभ्यता प्रकृति, खगोल और जीवन के आपसी संतुलन पर आधारित रही है।…

3 hours ago

एक तारीख, तीन विरासतें: 14 जनवरी के महान निधन की कहानी

14 जनवरी के ऐतिहासिक निधन: मुनव्वर राणा, सुरजीत सिंह बरनाला और एडमंड हैली — साहित्य,…

3 hours ago