गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 44वें दीक्षांत समारोह में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पी-एच.डी. की उपाधियाँ प्रदान की गईं। समारोह के दौरान कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने औपचारिक रूप से सभी उपाधियों को डिजिलॉकर पर अपलोड किए जाने की घोषणा की।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि इस वर्ष सभी उपाधियाँ डिजिलॉकर पर उपलब्ध करा दी गई हैं। इससे विद्यार्थियों को कहीं से भी अपनी डिग्री डिजिटल रूप में प्राप्त करने की सुविधा होगी और यह विश्वविद्यालय के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में एक अहम कदम है।
सत्र 2024-25 में कुल 73,887 उपाधियाँ प्रदान की गईं। इनमें विश्वविद्यालय स्तर पर 7,711 तथा संबद्ध महाविद्यालयों में 66,176 उपाधियाँ वितरित की गईं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय ने शोध क्षेत्र में भी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। कुल 301 शोधार्थियों को पी-एच.डी. की उपाधि प्रदान की गई, जो अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। इनमें कला संकाय के 117, विज्ञान संकाय के 99, वाणिज्य संकाय के 35, शिक्षा संकाय के 31, विधि संकाय के 11 और कृषि संकाय के 8 शोधार्थी शामिल हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि यह उपलब्धि नई शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और अनुसंधान को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक मील का पत्थर है।
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