आठ हफ्तों में सड़कों से हटाने होंगे सभी आवारा पशु- सुप्रीमकोर्ट


🚨 सुप्रीम कोर्ट सख्त: सड़कों से हटेंगे आवारा मवेशी, सरकारों को 8 हफ्तों में करनी होगी कार्रवाई

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)देशभर में सड़कों और राजमार्गों पर खुले घूमते आवारा मवेशियों से बढ़ती दुर्घटनाओं और अव्यवस्था पर अब सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने केंद्र और सभी राज्य सरकारों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय राजमार्गों और सड़कों से आवारा मवेशियों को हटाकर सुरक्षित आश्रय गृहों में रखा जाए, ताकि सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक सुविधा सुनिश्चित की जा सके।

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यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने उस दौरान की, जब वह आवारा कुत्तों से जुड़े पुराने मामले की सुनवाई कर रही थी। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि अब केवल आवारा कुत्तों पर नहीं, बल्कि अन्य पशुओं पर भी ठोस कदम उठाना जरूरी है। अदालत ने राज्यों को इस दिशा में कार्रवाई के लिए आठ सप्ताह का समय दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्कूलों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और खेल परिसरों जैसे सार्वजनिक स्थलों से भी आवारा जानवरों को हटाया जाए। साथ ही, न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि पकड़े गए कुत्तों या मवेशियों को उसी स्थान पर दोबारा नहीं छोड़ा जाए।

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न्यायालय ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि वे सड़कों और हाइवे पर नियमित गश्त के लिए विशेष टीमें गठित करें, जिनका कार्य इन पशुओं को सुरक्षित रूप से पकड़कर आश्रय गृहों तक पहुंचाना होगा, जहां उनकी देखभाल और भोजन की उचित व्यवस्था की जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस फैसले का भी समर्थन किया जिसमें सड़कों से मवेशियों को हटाने और पुनर्वास की बात कही गई थी। अब देशभर में इस फैसले के लागू होने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने और यातायात सुचारु रहने की उम्मीद है। अगली सुनवाई 13 जनवरी 2026 को होगी, जिसमें अब तक की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

Editor CP pandey

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