पुरी/ओडिशा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार में रखे गए आभूषणों और बहुमूल्य वस्तुओं की 46 साल बाद दोबारा गिनती की जाएगी। इस ऐतिहासिक प्रक्रिया की शुरुआत जनवरी 2026 से होने की संभावना है। उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष जस्टिस बिश्वनाथ रथ ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में 27 दिसंबर को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के मसौदे पर चर्चा की जाएगी। सभी तैयारियां पूरी होने के बाद ही गिनती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
1978 में हुई थी आखिरी बार गणना
गौरतलब है कि पिछली बार रत्न भंडार की गिनती वर्ष 1978 में की गई थी, जिसमें करीब 72 दिन का समय लगा था। इस बार आभूषणों की गणना के साथ-साथ सभी कीमती वस्तुओं का डिजिटलीकरण भी किया जाएगा, ताकि उनका सुरक्षित और पारदर्शी रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।
जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार देश के सबसे रहस्यमयी और ऐतिहासिक खजानों में से एक माना जाता है। वर्षों बाद होने जा रही इस गिनती को लेकर श्रद्धालुओं और इतिहासकारों में खास उत्सुकता देखी जा रही है।
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