आगरा में अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर प्रशासन सख्त!

नियम तोड़े तो होगी कड़ी कार्रवाई, जिलाधिकारी ने दिए जांच के निर्देश

मशीनों का होगा भौतिक सत्यापन, बायोमेट्रिक और CCTV व्यवस्था पर जोर; PCPNDT एक्ट के पालन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं


✍️ आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने और बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आगरा जिला प्रशासन ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों की निगरानी सख्त करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी श्री मनीष बंसल की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय पर आयोजित जिला सलाहकार समिति की बैठक में पीसीपीएनडीटी अधिनियम-1994 के अनुपालन की समीक्षा की गई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि नियमों की अनदेखी करने वाले केंद्रों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों के नए पंजीकरण, नवीनीकरण, स्थान परिवर्तन, चिकित्सकों के नाम जोड़ने एवं हटाने तथा अल्ट्रासाउंड मशीनों से जुड़े विभिन्न मामलों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी आवेदनों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच कर समयबद्ध और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालकों को निर्देशित किया कि वे पीसीपीएनडीटी अधिनियम के सभी प्रावधानों का सख्ती से पालन करें। उन्होंने कहा कि यह कानून कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बेटियों के जीवन एवं अधिकारों की रक्षा करने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसलिए प्रत्येक केंद्र पर आवश्यक अभिलेखों का सही और व्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर बायोमेट्रिक मशीन और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही, केंद्रों की निगरानी प्रभावी बनाने के लिए नियमित निरीक्षण के साथ आकस्मिक जांच बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में समय रहते कार्रवाई की जा सके।
बैठक में अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद-बिक्री से संबंधित मामलों में भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, किसी केंद्र में चिकित्सक का नाम जोड़ने या हटाने से पहले निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यक जांच करने को कहा गया। नए पंजीकरण, नवीनीकरण और स्थान परिवर्तन के आवेदनों का भी निर्धारित मानकों के आधार पर परीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम का पालन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि बेटियों के सुरक्षित भविष्य और उनके अधिकारों की रक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में सभी संबंधित संस्थानों को नियमों के प्रति जवाबदेह रहना होगा।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव सहित जिला सलाहकार समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

Editor CP pandey

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