ट्रेन ठहराव को लेकर छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रेल महा प्रबंधक से की मुलाकात

भाटपार रानी देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
बनकटा रेलवे स्टेशन पर करोना काल से पूर्व की भांति ट्रेन ठहराव बहाल कराने को लेकर सात दिवसीय धरना प्रदर्शन हुआ था, इस दौरान सलेमपुर लोक सभा क्षेत्र के सांसद रमाशंकर विद्यार्थी ने धरने के आखिरी दिन मंच पर खुद ही पहुंच कर धरने को संबोधित किया था एवं अपने संबोधन में उनके द्वारा स्थानीय पत्रकार सहित पांच लोगों के डेलिगेशन को, डीआरएम/रेल महा प्रबंधक से स्वयं मिलवा कर ट्रेन ठहराव कराए जाने हेतु आश्वासन धरने में शामिल लोगों को दिया था।इसी कड़ी में मंगलवार को रेल महा प्रबंधक से मुलाकात हेतु पूर्व से ही समय लिया गया है। जो अब अपने वादे के मुताबिक ही सांसद सलेमपुर द्वारा स्वयं सहित जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अभिजीत यादव,पत्रकार में अजीत पांडेय राष्ट्र की परम्परा गोरखपुर, सत्यम पांडेय निर्वाण टाइम्स बनकटा, समाज सेवी में ग्राम प्रधान बंजरिया/बनकटा विद्यासागर, एवं बभनौली ग्राम सभा से शामिल हैं। बताते चलें यह धरना प्रदर्शन बनकटा रेलवे स्टेशन पर अनवरत रूप से लगातार सात रोज तक समाज सेवी दयानंद भाई के नेतृत्व में चला था जो कि स्थानीय लोग उम्मीद भरी नजरों से देख रहे थे। बनकटा क्षेत्र के जनता की एक लम्बे समय से यह मांग रही है।महत्वपूर्ण बात यह है कि यहां करोना काल के पूर्व में यह ट्रेन ठराव होती रही है।
धरने में हजारों की संख्या में जुटी थी भारी भीड़
जो पूरे अनुशासन में की गई धरने की एक नई इबारत पेश कर गई थी। यह भी एक मिसाल कायम कर गई थी ।
अराजकता रन्चमात्र भी यहां देखने को नहीं मिली थी जबकि वहीं डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में मनमाने तरीके से ट्रेन ठराव निरस्त किए जाने से बनकटा क्षेत्र में रोष है। क्षेत्रीय सांसद द्वारा बनकटा रेलवे स्टेशन पर लोकहित में जन स्थानीय जन प्रतिनिधि के मांगों से अपनी सहमति जताई गई थी अब सांसद रामाशंकर विद्यार्थी ने जनता की बात रखने के धरना प्रदर्शन में शामिल रहे लोगों में से जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अभिजीत यादव, ग्रामप्रधान विद्यासागर सहित पत्रकार अजीत पांडेय,सत्यम पांडेय, सांसद के नेतृत्व में छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मिला । जिसके लिए सांसद द्वारा पहले ही रेल महाप्रबंधक से समय लिया गया है। दूरभाष पर पत्रकार बृजेश मिश्र से हुई वार्ता में संसद द्वारा बनकटा में रेल ट्रेन ठराव के मामले को हल करने हेतु प्रतिनिधिमंडल सहित मिलने की जानकारी साझा की गई है।बताते चलें कि गरीब,नौजवान, किसान मजदूर, व्यापारी, छात्र-छात्राओं, के भविष्य संवारने का जो प्रमुख जरिया है। वह रेल ट्रेन ठहराव ही है। अब भी रेल मंत्रालय को चाहिए अपनी जन विरोधी हठधर्मिता को छोड़ कर जनहित में ट्रेन ठहराव बहाल करे।कहीं वंदे भारत ट्रेन मिल रही है और छोटे स्टेशन पर पुरानी ट्रेन ठराव नहीं मिल पा रही है। जो जनहित में है। आखिर भारत समृद्ध कैसे होगा।गौरतलब है कि बनकटा से भी कम आय के तमाम स्टेशन पर रेल करोना काल के बाद ट्रेनों के नए ठहराव पुनः पड़ोसी बिहार राज्य में दिए गए हैं।मनमानेपन के कारण बनकटा में नहीं दिए गए हैं।

rkpnews@desk

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