बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। गड़वार थाना क्षेत्र के सिंहाचवर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय परिसर में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब विद्यालय के हिंदी शिक्षक ने अपने सरकारी आवास में फाँसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु जिला अस्पताल भेज दिया।
मृतक शिक्षक की पहचान आज़मगढ़ जनपद के दीदारगंज थाना क्षेत्र के खेतापट्टी गांव निवासी 45 वर्षीय रुपेश सिंह पुत्र विजय प्रताप सिंह के रूप में हुई है। वे विद्यालय परिसर के आवास में अकेले रहते थे, जबकि परिवार गांव पर ही रहता है।
सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को दिनभर जब वे आवास से बाहर नहीं निकले तो पास में रहने वाले एक अन्य शिक्षक ने कई बार दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई जवाब न मिलने पर उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस टीम जब मौके पर पहुँची और दरवाजा खुलवाया तो भीतर का नजारा देख सभी स्तब्ध रह गए। रुपेश सिंह का शव फंदे से लटकता मिला।
विद्यालय प्रशासन और सहकर्मी शिक्षक उनके इस कदम से स्तब्ध हैं। रुपेश सिंह हिंदी विषय के लोकप्रिय एवं मिलनसार शिक्षक माने जाते थे। विद्यालय परिवार के बीच उनकी अच्छी छवि थी और छात्र-छात्राओं के बीच वे बेहद प्रिय थे।
जैसे ही इस घटना की सूचना परिजन तक पहुँची, विद्यालय परिसर का माहौल और भी गमगीन हो गया। पत्नी, पुत्र और पुत्री का रो-रोकर बुरा हाल है। विद्यालय के विद्यार्थियों और सहकर्मियों की आंखें नम हैं और हर कोई उनके अचानक इस तरह चले जाने को लेकर सदमे में है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और आत्महत्या के पीछे कारणों का पता लगाया जा रहा है।
सप्तऋषियों की आराधना से शिव-पार्वती की तपस्या तक, जानें इन पर्वों का धार्मिक महत्व लेखक:…
गैस सिलेंडरों से लदे ट्रक में लगी भीषण आग, पुलिस-फायर ब्रिगेड की तत्परता से टला…
फाइल फोटो मृतक हरीश चंद्र बाइक की टक्कर से घायल साइकिल सवार की इलाज के…
आत्महत्या रोकथाम का संकल्प जीवन के प्रति सकारात्मक सोच और मानसिक स्वास्थ्य जरूरी वडनगर/गुजरात (राष्ट्र…
सुबह-सुबह सड़कों पर उतरी देवरिया पुलिस, ‘गुड मॉर्निंग’ अभियान से बढ़ा सुरक्षा का भरोसा देवरिया…
Ai निर्मित BRICS Summit 2026: मोदी-शी मुलाकात पर दुनिया की नजर, भारत के सामने कूटनीति…