महिला पुलिस टीम ने तत्परता दिखाकर खोजा परिवार, पहचान और सत्यापन के बाद पिता को सौंपा

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। दुर्गा प्रतिमा पंडाल और मेला देखने आई पांच वर्षीय बालिका अपने परिजनों से बिछड़ गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस की महिला टीम ने तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लिया और उसके परिजनों का पता लगाकर सकुशल उन्हें सौंप दिया।पुलिस के अनुसार, रविवार को थाना कोतवाली क्षेत्र में मेला देखने आई बालिका अनन्या भीड़ के बीच अपने परिजनों से बिछड़ गई थी। कोतवाली की महिला पुलिस टीम ने बालिका को सुरक्षित रखने के साथ उसके परिवार की तलाश शुरू की। प्रयास के बाद बालिका के पिता अनिल जायसवाल, निवासी गरूलपार का पता लगाया गया। आवश्यक पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद बालिका को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया।यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के निर्देशन में गुमशुदा बच्चों की सकुशल बरामदगी और आमजन की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।देवरिया पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मेले, पूजा पंडालों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों को अपने साथ रखें और उन्हें अकेला न छोड़ें। बच्चों को अभिभावकों का नाम, पता और मोबाइल नंबर याद कराने के साथ ही ये विवरण लिखकर सुरक्षित रूप से उनके पास रखने की सलाह दी गई है। किसी बच्चे के बिछड़ने या लावारिस अवस्था में मिलने पर तत्काल नजदीकी पुलिसकर्मी, पुलिस सहायता केंद्र या डायल-112 पर सूचना देने की अपील की गई है।बालिका को परिजनों से मिलाने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक शशिभूषण राय, महिला उपनिरीक्षक रेखा यादव, महिला आरक्षी रेखा, दृप्ति पटेल और करिश्मा सिंह शामिल रहीं।