इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को मिली जमीन, सियासी आरोपों पर घमासान

इंदौर (राष्ट्र की परम्परा)। मध्यप्रदेश के इंदौर में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद फिलहाल जमीन आवंटन के साथ एक कदम आगे बढ़ गया है। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने मंगलवार को रीजनल पार्क के सामने स्थित करीब 12,000 वर्ग मीटर भूमि 17 से 19 सितंबर तक तीन दिनों के लिए अस्थायी लीज पर देने की मंजूरी दी है।
आईडीए की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। इसके साथ ही आयोजन के लिए संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति हासिल करना भी आयोजकों के जिम्मे रहेगा।
कांग्रेस की ओर से बताया गया कि कार्यक्रम के लिए जमीन की अस्थायी लीज के एवज में आईडीए के खाते में करीब 10.08 लाख रुपये जमा किए गए हैं। प्रदेश कांग्रेस समिति के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम की अनुमति को लेकर स्थानीय प्रशासन की ओर से शुरुआत से ही अड़चनें पैदा की जा रही थीं।
नायक ने सवाल उठाते हुए कहा कि इंदौर में किसी राजनीतिक कार्यक्रम के लिए जमीन आवंटन के बदले इतनी बड़ी राशि लिए जाने का उदाहरण पहले सामने नहीं आया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए करीब दो लाख विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया है।
हालांकि कांग्रेस के आरोपों को प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने खारिज कर दिया। उनका कहना है कि किसी कार्यक्रम को अनुमति देने अथवा नहीं देने का निर्णय प्रशासनिक स्तर पर लिया जाता है और इसका भाजपा से कोई संबंध नहीं है।
इससे पहले कांग्रेस ने राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम का इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी थी। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने उस समय कहा था कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के पुराने आदेश के अनुसार स्टेडियम का उपयोग खेल गतिविधियों अथवा राज्य स्तरीय सरकारी आयोजनों के लिए किया जा सकता है। इसके बाद कांग्रेस ने कार्यक्रम की तारीख 12 सितंबर से बढ़ाकर 19 सितंबर कर दी और रीजनल पार्क के सामने स्थित मैदान के लिए आवेदन किया।
‘छात्रों की गूंज’ राहुल गांधी की ओर से चलाया जा रहा विद्यार्थी संवाद अभियान है। इसके माध्यम से कांग्रेस प्रश्नपत्र लीक, महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में कथित अनियमितताओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र एवं भाजपा शासित सरकारों पर निशाना साध रही है। अभियान के तहत कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में अब तक चार कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। अब इंदौर में होने वाला कार्यक्रम मध्यप्रदेश की सियासत में खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
