सतीश पाण्डेय की रिपोर्ट

कीचड़ के दलदल में आंगनबाड़ी केंद्र, मासूमों की राह हुई मुश्किल; हादसे का खतरा


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। घुघली विकासखंड के बरवा खुर्द गांव में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र इन दिनों बदहाल व्यवस्था का शिकार है। बारिश के बाद केंद्र परिसर और वहां तक पहुंचने वाला रास्ता जलजमाव व कीचड़ से भर जाता है। फिसलन इतनी अधिक है कि केंद्र आने वाले छोटे बच्चों को संभलकर चलना पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक, कई बच्चे फिसलकर गिर भी चुके हैं।
बारिश होते ही केंद्र परिसर में पानी जमा हो जाता है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी कई दिनों तक जमा रहता है। धीरे-धीरे यही पानी कीचड़ में बदल जाता है, जिससे बच्चों, अभिभावकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आने-जाने में परेशानी होती है।
ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र नौनिहालों की प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य देखभाल का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में केंद्र तक पहुंचने का रास्ता ही असुरक्षित होने से बच्चों की नियमित उपस्थिति भी प्रभावित हो सकती है। अभिभावकों को छोटे बच्चों को केंद्र भेजने से पहले रास्ते की स्थिति के बारे में सोचना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार, केंद्र परिसर में मिट्टी भराई कराकर जमीन को ऊंचा करने और पानी की निकासी के लिए नाली अथवा स्थायी जलनिकासी व्यवस्था बनाने से समस्या का समाधान किया जा सकता है। उनका आरोप है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीण सेवक रामअवध, पप्पू और काशी ने संबंधित अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में तत्काल मिट्टी भराई कराने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह महज जलजमाव का मामला नहीं है, बल्कि छोटे बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। उनका आग्रह है कि जिम्मेदार विभाग मामले को प्राथमिकता से लेते हुए जल्द स्थायी समाधान कराए, ताकि बारिश के दिनों में भी बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
अब सवाल यही है कि बरवा खुर्द के इस आंगनबाड़ी केंद्र को जलजमाव और कीचड़ से कब तक निजात मिलेगी और मासूमों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार विभाग कब ठोस कदम उठाएगा?