प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में शुक्रवार को बसंत पंचमी के पावन स्नान पर्व पर आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ा। प्रयागराज मेला प्राधिकरण के अनुसार, बसंत पंचमी के अवसर पर करीब 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। गुरुवार रात 12 बजे से ही संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं का आगमन और स्नान का सिलसिला लगातार जारी रहा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए संगम स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा कि बसंत पंचमी के पावन अवसर पर तीर्थराज प्रयाग में त्रिवेणी संगम में स्नान करने वाले सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई। उन्होंने मां गंगा से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना की।
मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि माघ मेला 2026 में अब तक 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में स्नान कर चुके हैं। बसंत पंचमी माघ मेले का चौथा प्रमुख स्नान पर्व है, जिसमें कल्पवासियों के साथ-साथ देशभर से आए संत, महंत और धर्माचार्यों ने भी संगम में डुबकी लगाई।
इस अवसर पर पूर्वाम्नाय श्री गोवर्धनमठ पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती अपने शिष्यों के साथ त्रिवेणी तट पहुंचे। उन्होंने प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थान से पैदल चलकर संगम नोज तक पहुंचकर सादगीपूर्ण ढंग से मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की पावन धारा में स्नान किया।
मेला प्रशासन के अनुसार, दंडी स्वामी, रामानंदी, रामानुजाचारी संतों के साथ-साथ किन्नर अखाड़े के सदस्यों ने भी पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ संगम में स्नान किया। मेला क्षेत्र के सभी घाटों पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब देखने को मिला।
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श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारू आवागमन के लिए मेला क्षेत्र में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कंट्रोल रूम से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है और 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरे सक्रिय हैं। उत्तर मध्य रेलवे ने श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए 22 मेला विशेष ट्रेनों का संचालन किया।
तीर्थ पुरोहित राजेंद्र मिश्रा ने बताया कि प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम के कारण बसंत पंचमी स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दिन पीले वस्त्र धारण करने और पीली वस्तुओं के दान का विधान है।
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि माघ मेला 800 हेक्टेयर क्षेत्र में सात सेक्टरों में आयोजित किया गया है। मेला क्षेत्र में 25 हजार से अधिक शौचालय बनाए गए हैं और 3500 से अधिक सफाईकर्मी तैनात हैं।
पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडेय के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था के तहत 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए 42 अस्थायी पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई है, जहां लगभग एक लाख वाहन खड़े किए जा सकते हैं। माघ मेला क्षेत्र में कुल 12,100 फुट लंबे घाटों का निर्माण किया गया है।
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