आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। गांवों की सुरक्षा में दिन-रात जुटे ग्राम प्रहरियों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने मानदेय बढ़ाने और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने की पहल की है। अब ग्राम प्रहरियों को प्रतिमाह ₹3,500 मानदेय मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। आगरा में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान 11 ग्राम प्रहरियों को मोबाइल फोन और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस पहल को ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और पुलिस के साथ ग्राम प्रहरियों का संपर्क बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
13 अक्टूबर 2026 को पुलिस लाइन स्थित परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के 68 हजार ग्राम प्रहरियों के सम्मान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का सजीव प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, विधायक चौधरी बाबूलाल, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार और जिलाधिकारी मनीष बंसल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री का संबोधन बरेली से प्रसारित किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने देखा और सुना।
सरकार की ओर से ग्राम प्रहरियों का मानदेय 40 प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा के बाद इसे ₹2,500 से बढ़ाकर ₹3,500 प्रतिमाह कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक के कैशलेस उपचार की सुविधा देने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में ग्राम प्रहरियों ने इस पहल पर प्रसन्नता जताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 ग्राम प्रहरियों को मोबाइल फोन और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। अधिकारियों के मुताबिक, मोबाइल फोन मिलने से ग्राम प्रहरियों और पुलिस के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान तेज होगा। इससे गांवों में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय पर पुलिस तक पहुंचाने और अपराध नियंत्रण में मदद मिलने की उम्मीद है।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि ग्राम प्रहरी ग्रामीण क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। वे गांवों की परिस्थितियों से परिचित रहते हैं और अपनी सतर्कता से पुलिस को महत्वपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध कराते हैं। उनका काम केवल नौकरी तक सीमित नहीं, बल्कि जनसेवा से जुड़ा हुआ है।
मंत्री ने कहा कि सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विचार के अनुरूप समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। ग्राम प्रहरियों के मानदेय में वृद्धि और स्वास्थ्य सुविधा इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। उन्होंने ग्राम प्रहरियों से अपील की कि वे गांवों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और अपराध से जुड़ी किसी भी महत्वपूर्ण सूचना को बिना देरी पुलिस एवं प्रशासन तक पहुंचाएं।
पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने ग्राम प्रहरियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण इलाकों में पुलिस व्यवस्था को प्रभावी बनाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने चंबल क्षेत्र में डकैतों के आतंक पर नियंत्रण पाने के प्रयासों में भी ग्राम प्रहरियों के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 11 ग्राम प्रहरियों को मोबाइल फोन देकर सम्मानित किया गया है। आगरा के लगभग 850 ग्राम प्रहरियों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि पुलिस के साथ उनका समन्वय और अधिक मजबूत हो सके।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि ग्राम प्रहरी पुलिस और आम जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी होने के कारण वे गांवों में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखते हैं और जरूरत पड़ने पर प्रशासन को उपयोगी सूचनाएं देते हैं। उनकी सजगता और जिम्मेदारी ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहायक है।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने ग्राम प्रहरियों से पूरी निष्ठा, सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व निभाने की अपील की। समारोह में डीसीपी आदित्य कुमार, अभिषेक अग्रवाल, एडीसीपी मनोज कुमार, एडीसीपी ट्रैफिक अलका, एसीपी इमरान अहमद, गौरव सिंह, रामप्रवेश गुप्ता, अमीषा और श्वेता वर्मा समेत पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ग्राम प्रहरी गांवों में सुरक्षा व्यवस्था की पहली महत्वपूर्ण कड़ियों में शामिल हैं। मानदेय में वृद्धि, कैशलेस उपचार और मोबाइल फोन उपलब्ध कराने जैसी पहल से उनके मनोबल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अब इन सुविधाओं का लाभ समय पर मिले और ग्राम प्रहरी पुलिस के साथ बेहतर तालमेल बनाकर ग्रामीणों की सुरक्षा में प्रभावी योगदान दे सकें, यही इस पहल की वास्तविक सफलता होगी।
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