वीआईपी रोड पर 10 करोड़ की लैंबॉर्गिनी से मचा हड़कंप, शिवम मिश्रा पुलिस हिरासत में

कानपुर लैंबॉर्गिनी हादसा: वीआईपी रोड दुर्घटना में शिवम मिश्रा गिरफ्तार, ड्राइवर बदलने का दावा पुलिस ने किया खारिज


कानपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। कानपुर की वीआईपी रोड पर हुए बहुचर्चित लैंबॉर्गिनी हादसे में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तंबाकू कारोबारी के.के. मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला अपनी हाई-प्रोफाइल कार, कथित समझौते और ड्राइवर बदलने के दावे के कारण लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। गिरफ्तारी के बाद सामने आए वीडियो में शिवम मिश्रा डरे-सहमे नजर आ रहे हैं, जिसे न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया है।
कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने पुष्टि की कि 35 वर्षीय शिवम मिश्रा को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। यह हादसा रविवार दोपहर करीब तीन बजे पॉश ग्वाल्टोली इलाके में हुआ, जब करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाली इटली की लग्जरी स्पोर्ट्स कार लैंबॉर्गिनी रेवुएल्टो ने पैदल यात्रियों और कई वाहनों को टक्कर मार दी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी।

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इस कानपुर लैंबॉर्गिनी हादसे में घायल हुए लोगों में ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक (18) भी शामिल हैं। तौफीक ने ही इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हालांकि, बाद में आरोपी पक्ष के वकील धर्मेंद्र सिंह ने दावा किया कि पीड़ित से समझौता हो गया है और अब वह कानूनी कार्रवाई नहीं चाहता। बावजूद इसके, पुलिस ने स्पष्ट किया कि गंभीर सड़क दुर्घटना और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में जांच और कार्रवाई कानून के अनुसार जारी रहती है।
बुधवार को मामले ने नया मोड़ तब लिया, जब मोहन नामक एक व्यक्ति सामने आया और खुद को कार का ड्राइवर बताते हुए दावा किया कि हादसे के वक्त वही वाहन चला रहा था, न कि शिवम मिश्रा। पुलिस ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और प्रत्यक्ष गवाहों के आधार पर यह साफ है कि दुर्घटना के समय लैंबॉर्गिनी कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था।

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पुलिस का कहना है कि कानपुर वीआईपी रोड दुर्घटना में नियमों की अनदेखी, तेज रफ्तार और सार्वजनिक जीवन को खतरे में डालने जैसे पहलुओं की गहन जांच की गई। इसी आधार पर गिरफ्तारी की गई है। यह मामला एक बार फिर शहर में लग्जरी कारों की रफ्तार, सड़क सुरक्षा और कानून के सख्त पालन पर बहस को तेज करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लैंबॉर्गिनी रेवुएल्टो हादसा कानपुर जैसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई से ही सड़क सुरक्षा को मजबूत किया जा सकता है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि केस को फास्ट-ट्रैक आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जाएगी।

Editor CP pandey

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