✍️ संघ का शताब्दी वर्ष: डॉ. हेडगेवार के विचारों से शुरू हुई एक सदी की संगठन यात्रा

🚩 100 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। 1925 में विजयादशमी के दिन नागपुर में डॉ. केशव राव बलिराम हेडगेवार द्वारा आरंभ किया गया यह संगठन आज विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठनों में गिना जाता है। किसी भी संस्था के लिए सौ वर्ष की यात्रा केवल समय का अंकन नहीं, बल्कि विचारों, संघर्ष और समाज परिवर्तन की सदी का प्रतीक होती है।

🧭 संघ स्थापना की पृष्ठभूमि

डॉ. हेडगेवार स्वयं एक क्रांतिकारी थे, जिन्होंने अपने समय में चल रहे सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके अनुसार भारत भले ही अंग्रेज़ों से स्वतंत्र हो जाए, लेकिन यदि समाज की आंतरिक कमजोरियाँ बनी रहीं तो फिर से परतंत्रता से बचना संभव नहीं होगा।

वे अक्सर कहते थे—”स्वतंत्रता कब मिलेगी, यह प्रश्न नहीं है; बल्कि स्वतंत्रता गई क्यों, इसका उत्तर ढूँढना होगा।” उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि असंगठित समाज, आपसी विखंडन और राष्ट्रभावना की कमी के कारण ही भारत गुलाम बना। इसी सोच से “हिन्दू संगठन” का विचार जन्मा।

🌿 शाखा प्रणाली और संगठन की शक्ति

डॉ. हेडगेवार ने शाखा की अभिनव कार्यपद्धति विकसित की। उनका मानना था कि ऐसा संगठन खड़ा होना चाहिए, जो किसी भी राष्ट्रीय आपदा या सामाजिक संकट का सामना कर सके। उस दौर में आलोचक कहते थे—”हिन्दू समाज को संगठित करना मेढ़कों को तौलने जैसा है।” लेकिन डॉ. हेडगेवार ने अपने जीवनकाल में ही यह साबित कर दिया कि हिन्दू समाज एक दिशा में चल सकता है और राष्ट्रहित में एकजुट हो सकता है।

संघ का मूल ध्येय वाक्य है— “परम् वैभवन् नेतुमेतत् स्वराष्ट्रम्” अर्थात राष्ट्र को परम वैभव की ओर ले जाना।

🌍 श्री गुरुजी का नेतृत्व और स्वतंत्रता काल

3 जुलाई 1940 को डॉ. हेडगेवार के निधन के बाद माधव राव सदाशिवराव गोलवलकर (श्री गुरुजी) ने सरसंघचालक का दायित्व संभाला। उस समय स्वतंत्रता संग्राम अपने चरम पर था और अंग्रेज़ों की “फूट डालो और राज करो” नीति से देश विभाजन की ओर बढ़ रहा था। ऐसे कठिन दौर में संघ ने संगठन विस्तार और राष्ट्रीय एकता पर विशेष बल दिया।

🕉️ 100 वर्षों की उपलब्धियाँ

आज संघ न केवल भारत में बल्कि विश्वभर में भारतीय संस्कृति, मूल्यों और राष्ट्रभावना का संदेश पहुँचा रहा है। शिक्षा, सेवा, संस्कार, समाज सुधार और राष्ट्ररक्षा जैसे विविध क्षेत्रों में संघ की भूमिका उल्लेखनीय रही है।

Editor CP pandey

Recent Posts

श्रीअन्न से पोषण और समृद्धि की ओर बढ़ता मऊ, मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम 2026 को मिल रहा जनसमर्थन

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। प्रदेश में पोषण सुरक्षा, किसानों की आय वृद्धि और जलवायु अनुकूल…

20 minutes ago

तरकुलवा में अवैध कच्ची शराब पर बड़ी कार्रवाई, 7 गिरफ्तार

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के विरुद्ध चलाए…

29 minutes ago

आयुष्मान भारत योजना में शत-प्रतिशत लक्ष्य का निर्देश, 15 मार्च तक कार्ड निर्माण पूरा करने की समयसीमा

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और योजनाओं की प्रभावशीलता सुनिश्चित…

51 minutes ago

श्रीराम यज्ञ में उमड़ा जनसैलाब, लक्ष्मीपुर जरलहियां में गूंजे जयकारे

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। विधानसभा पनियरा क्षेत्र के ग्राम सभा लक्ष्मीपुर जरलहियां में आयोजित भव्य…

1 hour ago

अधिकारी भी सुरक्षित नहीं! श्रुति शर्मा बनीं साइबर ठगी का शिकार

देवरिया की SDM श्रुति शर्मा साइबर ठगी की शिकार, मोबाइल हैक कर मांगे गए पैसेदेवरिया…

1 hour ago

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर छात्रों की वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रदर्शन

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)Iराष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर उच्च प्राथमिक विद्यालय सोहनाग के प्रांगण…

1 hour ago