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कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)गोरखपुर-कुशीनगर मार्ग पर DRI का बड़ा एक्शन, बोनट के ऊपर और ड्राइवर की सीट के पीछे छिपाए गए थे 81 पैकेट | चार घंटे की निगरानी के बाद तस्करी के खेल का खुलासा
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। नेपाल से भारत के रास्ते बिहार तक गांजे की बड़ी खेप पहुंचाने की कथित तस्करी योजना पर राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने करारा प्रहार किया है। गोरखपुर-कुशीनगर मार्ग पर की गई कार्रवाई में टीम ने ट्रक के भीतर बनाए गए दो गुप्त चैंबरों से 591.3 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है। तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है। इस कार्रवाई के बाद मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क को लेकर जांच तेज हो गई है। गुप्त चैंबर में छिपाई गई थी गांजे की बड़ी खेप तस्करों ने पुलिस और जांच एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए ट्रक को खास तरीके से तैयार कराया था। वाहन के बोनट के ऊपर एक गुप्त चैंबर बनाया गया था, जबकि दूसरा चालक की सीट के पीछे छिपाया गया था। इन दोनों जगहों से कुल 81 पैकेट बरामद हुए। पैकेटों में गांजा भरा हुआ था, जिसका कुल वजन 591.3 किलोग्राम निकला। मौके पर फील्ड टेस्टिंग किट से जांच की गई, जिसमें बरामद पदार्थ के गांजा होने की पुष्टि हुई। दिल्ली से मिला इनपुट, कई शहरों की टीमें अलर्ट DRI के दिल्ली स्थित मुख्यालय को सूचना मिली थी कि नेपाल से गांजे की बड़ी खेप भारत में प्रवेश कर सोनौली और गोरखपुर के रास्ते बिहार भेजी जा सकती है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली की टीम ने लखनऊ स्थित इकाई को सतर्क किया। इसके बाद गोरखपुर की DRI टीम ने सोनौली सीमा से आने वाले संदिग्ध वाहनों पर नजर रखनी शुरू कर दी। कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए लखनऊ, पटना और वाराणसी की DRI टीमों के साथ भी समन्वय स्थापित किया गया। उद्देश्य था कि संदिग्ध ट्रक की पहचान कर उसे बिहार की ओर आगे बढ़ने से पहले रोका जा सके। चार घंटे तक निगरानी, फिर संदिग्ध ट्रक पर कार्रवाई संदिग्ध वाहन की पहचान आसान नहीं थी। DRI गोरखपुर की टीम ने चार घंटे से अधिक समय तक निगरानी की। इसके लिए टोल प्लाजा से मिले डेटा की मदद से ट्रक की गतिविधियों का पता लगाया गया। लगातार निगरानी और सूचनाओं के मिलान के बाद टीम गोरखपुर और कुशीनगर के बीच पहुंची, जहां फोरलेन के किनारे एक संदिग्ध ट्रक खड़ा मिला। वाहन की तलाशी लेने पर तस्करी के लिए बनाए गए दोनों गुप्त चैंबर सामने आए। उनके भीतर छिपाकर रखे गए 81 पैकेटों से गांजे की पूरी खेप बरामद हुई। इस तरह जांच एजेंसी ने कथित तस्करी की योजना को आगे बढ़ने से पहले ही नाकाम कर दिया। NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई, तस्करी नेटवर्क की जांच जारी DRI ने मादक पदार्थ और तस्करी में इस्तेमाल किए गए ट्रक को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटांसेज (NDPS) अधिनियम, 1985 के तहत जब्त कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। एजेंसी अब इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। जांच का अहम सवाल यह है कि गांजे की खेप नेपाल से कहां से लाई गई थी, इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं और बिहार में इसकी आपूर्ति किसे की जानी थी। हालांकि, इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य की बताई जा रही इस खेप की बरामदगी ने एक बार फिर सीमा पार से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी पर निगरानी की अहमियत उजागर की है। अब निगाहें DRI की आगे की जांच पर हैं, जिससे इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और आपूर्ति की पूरी कड़ी का पता चल सके।