
मणिपुर में फिर भड़की आक्रोश की आग! दो मैतेई पुरुषों की हत्या के बाद CM आवास के गेट पर शव रखकर प्रदर्शन, आंसू गैस से मचा हड़कंप
इंफाल (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। मणिपुर में जातीय हिंसा के बीच तनाव एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। दो मैतेई पुरुषों की कथित हत्या के बाद लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के इंफाल स्थित सरकारी आवास के मुख्य द्वार के बाहर एक शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सोमवार को दो मैतेई पुरुषों की हत्या की खबर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी फैल गई। आरोप लगाया गया कि इस वारदात को कुकी उग्रवादियों ने अंजाम दिया है। हालांकि, हत्या के पीछे की परिस्थितियों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने आना बाकी है।
हत्या की खबर के बाद प्रदर्शनकारियों का आक्रोश बढ़ता गया और मामला मुख्यमंत्री के सरकारी आवास तक पहुंच गया। आवास के मुख्य द्वार पर शव रखे जाने से सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया। हालात बिगड़ने की आशंका के बीच सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है।
मणिपुर पिछले कई वर्षों से जातीय संघर्ष और हिंसा की चुनौती से जूझ रहा है। ऐसे संवेदनशील माहौल में दो लोगों की हत्या की खबर और उसके बाद मुख्यमंत्री आवास के बाहर हुआ प्रदर्शन प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। घटना ने एक बार फिर राज्य में शांति बहाली, नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल, इस मामले में हत्या की परिस्थितियों, आरोपियों की पहचान और प्रशासन की आगे की कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है। घटनाक्रम पर सभी की निगाहें टिकी हैं। सबसे अहम सवाल यही है कि लगातार तनाव झेल रहे मणिपुर में हालात को सामान्य बनाने और हिंसा की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।
