देवरिया कलेक्ट्रेट बार चुनाव में बृजबांके तिवारी का दबदबा, शिवानंद त्रिपाठी बने मंत्री; ललित नारायण पांडेय ने भी दर्ज की शानदार जीत

फोटो विज्ञप्ति

अनूप तिवारी की रिपोर्ट

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिला कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के चुनाव में अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर नई कार्यकारिणी के प्रमुख पदाधिकारियों का चयन कर दिया। बुधवार शाम 5:30 बजे घोषित चुनाव परिणामों में बृजबांके तिवारी अध्यक्ष, शिवानंद त्रिपाठी मंत्री और ललित नारायण पांडेय वरिष्ठ उपाध्यक्ष निर्वाचित घोषित किए गए। परिणाम सामने आते ही विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई और जश्न का माहौल देखने को मिला। अध्यक्ष पद के लिए हुए मुकाबले में बृजबांके तिवारी ने 147 मत प्राप्त कर अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया। उमेश मिश्रा को 60, भूपेंद्र मणि त्रिपाठी को 46 और मनोज सिंह को आठ मत मिले। इस तरह बृजबांके तिवारी ने अध्यक्ष पद पर अपनी जीत सुनिश्चित की। परिणाम घोषित होने के बाद उनके समर्थकों ने खुशी जाहिर की और उन्हें बधाई दी। मंत्री पद के चुनाव में शिवानंद त्रिपाठी ने 151 मत हासिल कर जीत दर्ज की। उनके मुकाबले में शैलेष शर्मा को 62 और नरेंद्र बहादुर सिंह को 45 मत प्राप्त हुए। मतों के इस अंतर ने शिवानंद त्रिपाठी की जीत को स्पष्ट कर दिया। उनके निर्वाचित होने पर समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए ललित नारायण पांडेय और परशुराम मिश्रा के बीच सीधा मुकाबला हुआ। इसमें ललित नारायण पांडेय को 141 मत मिले, जबकि परशुराम मिश्रा को 117 मत प्राप्त हुए। ललित नारायण पांडेय ने 24 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन उमेश नारायण श्रीवास्तव की देखरेख में चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई। कमेटी के सदस्य सतीश चंद्र पति त्रिपाठी, दशरथ पांडेय और बाबूराम यादव ने भी चुनाव संपन्न कराने में सहयोग किया। निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए गए। चुनाव परिणामों के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया। यह चुनाव अधिवक्ताओं के बीच संगठनात्मक नेतृत्व के चयन का महत्वपूर्ण अवसर रहा। अब नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सामने अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा, बार और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय तथा कलेक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ताओं से जुड़ी समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने की जिम्मेदारी होगी। चुनाव में मिली जीत के बाद अधिवक्ताओं को उम्मीद है कि नई कार्यकारिणी उनकी अपेक्षाओं पर खरी उतरेगी और संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में काम करेगी।

Editor CP pandey

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