देवरिया में सेल टैक्स का बड़ा एक्शन: पान मसाला कारोबारी हिरासत में, गोदामों तक पहुंची जांच की आंच
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा )। शहर के व्यस्त स्टेशन रोड इलाके में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब वाणिज्य कर (सेल टैक्स) विभाग की टीम ने प्रसिद्ध पान मसाला फर्म ‘कल्पनाथ चौरसिया एंड संस’ पर अचानक छापेमारी कर दी। इस कार्रवाई ने न सिर्फ संबंधित कारोबारी को जांच के दायरे में ला दिया, बल्कि पूरे बाजार में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, विभाग की टीम पहले सीधे दुकान पर पहुंची और वहां मौजूद स्टॉक, बिक्री से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिए। जांच के दौरान टीम ने फर्म के संचालक/विक्रेता को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू की। इसके बाद टीम उन्हें साथ लेकर फर्म के मुख्य गोदाम की ओर रवाना हो गई, जहां स्टॉक और लेनदेन का मिलान किया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टीम के पहुंचते ही आसपास के दुकानदारों में घबराहट फैल गई। कई दुकानों के शटर तुरंत गिरा दिए गए, जबकि कुछ व्यापारी मौके से हटते नजर आए। खासतौर पर पान मसाला कारोबार से जुड़े दुकानदारों में ज्यादा बेचैनी देखी गई। कई लोग अपने दस्तावेजों को सुरक्षित करने या छिपाने में जुटे रहे।
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गौरतलब है कि इसी फर्म पर पिछले वर्ष भी विभाग ने कार्रवाई की थी। लगातार दूसरे साल एक ही प्रतिष्ठान का निशाने पर आना इस बात की ओर संकेत करता है कि विभाग को कारोबार में किसी अनियमितता की आशंका है। सूत्रों का कहना है कि इस बार की छापेमारी किसी बड़ी कर चोरी की सूचना के आधार पर की गई हो सकती है। हालांकि, अभी तक विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान या जब्ती के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
जांच टीम फिलहाल गोदाम में मौजूद माल और दस्तावेजों का मिलान कर रही है। स्टॉक रजिस्टर, बिक्री के आंकड़े और कर भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है। यदि इनमें किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित फर्म पर भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
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इस कार्रवाई का असर पूरे स्टेशन रोड बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। दिनभर बाजार में तनावपूर्ण शांति बनी रही और व्यापारियों के बीच चर्चा का माहौल गर्म रहा। कई छोटे व्यापारियों ने अनौपचारिक रूप से स्वीकार किया कि इस तरह की अचानक कार्रवाई से व्यापारिक माहौल प्रभावित होता है और डर का माहौल बनता है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि कर व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए ऐसी कार्रवाइयां जरूरी हैं।
स्थानीय व्यापार मंडल से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि किसी भी व्यापारी द्वारा कर चोरी की जाती है, तो उस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन जांच की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। इससे ईमानदार व्यापारियों का भरोसा बना रहता है और बाजार में संतुलन कायम रहता है।
फिलहाल सभी की निगाहें वाणिज्य कर विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। गोदाम में चल रही जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मामला कितना गंभीर है और इसमें किस स्तर तक अनियमितता सामने आती है।
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