बहराइच( राष्ट्र की परम्परा)नानपारा बिकास खंड नबाबगंज के क्षेत्र में खेतों की लहलहाती धान की फसल देखकर किसानों का मन प्रसन्न था, लेकिन रविवार को अचानक हुई बारिश ने किसानों की खुशियों पर पानी फेर दिया ,अन्नदाता कहे जाने वाले किसान की लहलहाती फसल को बेमौसम बरसात ने बर्बाद कर किसानों की स्थिति को खराब करने का पूरा प्रयास किया है ,जिससे किसानों की खड़ी फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है, रविवार को बेमौसम तेज बारिश और आंधी से धान की फसल को काफी नुकसान हुआ,खेतों में खड़ी व कटी पड़ी धान की फसल बर्बाद हो गई है,किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीर दिखाई दे रही है, तहसील नानपारा के अंतर्गत बिकास खंड नबाबगंज के आने वाले गाँव
रामनगर गुलरिहा, बिलासपुर, भुधर गाँव, चौगोई, धन्नी गाँव, परसन पुरवा, पुरैनी पुरैना, भक्तपुर गुलरिहा सहित सैकड़ों गांव के किसान तेज़ हवा व बारिश से धान की फसल के बर्बाद होने से पीड़ित हैं , बे मौसम बारिश के साथ तेज हवा से बर्बाद हुई फसल से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है ,यदि पीड़ित किसानों की सरकार ने सहायता नहीं कि तो किसान और भी परेशान हो जाएगें, इस पर ग्राम पंचायत चौगोई बिलासपुर के किसान सजन कुमार भारगो से बात किया तो बताया कि एक बारसी पहले भी हो चुकीं है लगभग 15 दिन पहले फिर कल से फिर बारिश हो रहा है खेत में पानी भी भरा है जिस से धान जाम भी रहा पानी का नीकास भी नहीं है कोई तरफ़ से मेरा 8 बिघा धान पानी में गिर गया है मौसम खाराब होने के कारण से मेरा धान की फसल बर्बाद हो गया है इस क्रम में बिलासपुर के किसान किशोरी लाल यादव से बात किया तो कहाँ की बारिश ने बर्बाद कर दिया धान गिर कर जामने लगा है खेत में पानी भी भरा है पानी निकालने के लिए रास्ता भी नहीं है पहले नाला बना था लोगों ने मिट्टी से पाट भी दिया है जिससे खेत का पानी नहीं निकल पा रहा है और पानी में धान गिरे होने के कारण धान खेत से निकाल ना मुश्किल पड़ रहा है ,किसान शितल प्रसाद शर्मा ने कहा कि पहले से इस बार धान की फसल बढीया था लेकिन बारिश व तेज़ हवा ने बर्बाद कर दिया पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था जैसे अबकी बार धान की फसल खराब हुआ है इस प्रकार किसानों के मेहनत पर पानी फिर गया है किसान काफी निराश हैं,भक्तपुर गुलरिहा के सोहनलाल वर्मा ने कहा कि पानी के साथ तेज़ हवा ने फसल को बर्बाद कर दिया है, अब धान घर आता है या नहीं अब धान की कोई उम्मीद नहीं है घर आने की ,रामगोपाल यादव ने कहा कि बारिश के साथ इतनी तेज़ हवा थी की पेंड भी गिर गयें धान का तो हाल ही मत पुछो लेकिन अब धान की कोई उम्मीद नहीं है कि घर पहुचे/
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