गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जन भवन, लखनऊ में प्रस्तावित प्रस्तुतीकरण से पूर्व दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों की महत्वपूर्ण बैठक कुलपति पूनम टंडन की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
बैठक में 32 महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने विश्वविद्यालय में विस्तृत प्रस्तुति दी, जिनमें 21 वित्तपोषित (एडेड) तथा 11 राजकीय (गवर्नमेंट) महाविद्यालय शामिल रहे। गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों का पीपीटी प्रेजेंटेशन 15 अप्रैल को कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के समक्ष जन भवन में प्रस्तुत किया जाएगा।
प्रस्तुतीकरण के दौरान प्राचार्यों ने अपने-अपने महाविद्यालयों की समग्र स्थिति पर प्रकाश डाला। इसमें संचालित पाठ्यक्रम, स्वीकृत सीटें, प्रवेशित छात्रों की संख्या, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, खेल सुविधाएं, शोध गतिविधियां, शिक्षकों के अनुसंधान कार्य, खेल उपलब्धियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और आयोजित सेमिनारों का विस्तृत विवरण शामिल रहा।
इसके साथ ही मानव संसाधन से संबंधित जानकारी में शिक्षकों एवं कर्मचारियों की संख्या, विभिन्न पदों की स्थिति तथा रिक्त पदों का विवरण भी साझा किया गया। महाविद्यालयों की वित्तीय स्थिति का भी सम्यक् ब्यौरा प्रस्तुत किया गया।
कुलपति ने प्रस्तुतियों का अवलोकन करते हुए उन्हें अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने के लिए सुझाव दिए तथा प्राचार्यों को अपनी प्रस्तुति 5 मिनट में संक्षिप्त एवं सारगर्भित रखने पर जोर दिया।
बैठक में सभी महाविद्यालयों ने पावरपॉइंट के माध्यम से प्रस्तुतीकरण किया, जिससे आगामी जन भवन प्रस्तुतीकरण की रूपरेखा को और सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर प्रति कुलपति शांतनु रस्तोगी, उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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