बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। मिहींपुरवा। सुजौली रेंज क्षेत्र में जंगली हाथियों के झुंड का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। जंगल से निकलकर हाथियों के झुंड ने रमपुरवा बनकटी और त्रिलोकी गोढ़ी गांव के आसपास खेतों में पहुंचकर किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। हाथियों की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत और किसानों में चिंता का माहौल है।रमपुरवा बनकटी गांव में जंगली हाथियों ने किसान निशान सिंह उर्फ सूरजन सिंह के खेत में पहुंचकर करीब चार बीघा धान की खड़ी फसल को खाकर और रौंदकर पूरी तरह बर्बाद कर दिया। धान की फसल तैयार होने के करीब थी। सुबह खेत पर पहुंचे किसान ने जब फसल को जमीन पर बिखरा देखा तो उसके होश उड़ गए। किसान के अनुसार, हाथियों के झुंड ने रात के समय खेत में पहुंचकर फसल को नुकसान पहुंचाया।इसी तरह त्रिलोकी गोढ़ी गांव में भी जंगल से सटे खेतों में हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने कई किसानों की खड़ी फसलों को रौंदकर नष्ट कर दिया। प्रभावित किसानों में रमेश, जगदीश, विनोद, तोताराम, सत्रोहन, मनोज, संजय, विनोद, मीना देवी और इंद्रबाली समेत अन्य किसान शामिल हैं। धान और गन्ने की फसलों को नुकसान पहुंचने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से निकलकर हाथियों के झुंड अक्सर खेतों की ओर पहुंच जाते हैं। इससे जहां फसलों को नुकसान हो रहा है, वहीं ग्रामीणों को जान-माल की सुरक्षा को लेकर भी भय बना रहता है। किसानों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने, गांवों के आसपास गश्त तेज करने और फसलों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।प्रभावित किसानों ने प्रशासन और वन विभाग से नुकसान का सर्वे कराकर शीघ्र उचित मुआवजा दिलाने की भी गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते हाथियों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में फसलों को और अधिक नुकसान हो सकता है।
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