हर साल 28 सितंबर को विश्व रेबीज दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को रेबीज जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए जागरूक करना और इसके खात्मे की दिशा में प्रयासों को मजबूत करना है।
रेबीज अधिकतर संक्रमित जानवर, खासकर कुत्ते के काटने से फैलती है। यदि समय पर इलाज न हो, तो यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए समय रहते उपचार और रोकथाम बेहद जरूरी है।
पालतू पशुओं का नियमित टीकाकरण इस बीमारी को रोकने का सबसे कारगर तरीका है। साथ ही, यदि किसी जानवर के काटने की घटना हो, तो तुरंत घाव को साबुन-पानी से धोकर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
यह दिवस हमें याद दिलाता है कि जागरूकता, सतर्कता और सामूहिक प्रयासों के जरिए रेबीज को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। जिम्मेदार समाज बनकर ही हम रेबीज-मुक्त भविष्य की ओर बढ़ सकते हैं।
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