बहराइच (राष्ट्र की परम्परा) पयागपुर क्षेत्र अंतर्गत नवीन गल्ला मंडी का भवन जो 2013 में बनकर तैयार हुआ था, वह 9 साल बीतने के बाद भवन का फर्श व टाइल्स जगह जगह टूट गयीं है। जिसे कार्यदाई संस्था की पोल खुल रही है, भवन के अंदर जाने के लिए जो सीढ़ियां बनाई गई थीं, उन सीढ़ियों के जगह जमीन की मिट्टी धंसने के कारण आरसीसी की बनी सीढ़ियां सुरसा जैसे मुंह, बाये खडी हैं यही नहीं इस भवन के आगे जो बालकनी बनाई गई है, उसके नीचे की फर्श धंस गयीं है। ऐसे में यह प्रतीत होता है कि मानक को दरकिनार करते हुए नवीन गल्ला मंडी भवन का निर्माण किया गया है। भवन निर्माण करते समय भारी धांधली की गई है। मालूम हो कि किसानों को उचित मूल्य पर अपनी फसल को बेचने के लिए सरकार द्वारा वर्ष 2013 में नवीन गल्ला मंडी की स्थापना पयागपुर में किया गया था। लाखों रुपए की लागत से बनकर तैयार हुआ गल्ला मंडी भवन जो 9 वर्ष में ही अपनी अंतिम सांसे गिनना शुरू कर दिया है। कार्यदाई संस्था की लापरवाही तथा गैर जिम्मेदार रवैया होने के कारण भवन दिनों दिन बदहाल होता जा रहा है इस संदर्भ में मंडी सचिव से जब बात करने की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं हो पाई।
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