महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। देश में न्याय व्यवस्था की देरी एक गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। “न्याय में देरी, न्याय का इंकार है” — यह कहावत आज की परिस्थितियों में पूरी तरह सच साबित होती दिख रही है। आम नागरिक वर्षों तक अदालतों, सरकारी दफ्तरों और अधिकारियों के चक्कर लगाते रहते हैं, लेकिन अपराधी, दबंग और भ्रष्ट तत्व इसी देरी का फायदा उठाकर अन्याय को और तेजी से फैलाते जा रहे हैं।
पीड़ित थक जाता है, अपराधी मजबूत होता जाता है
अदालतों में तारीख पर तारीख लेने से आम आदमी टूट जाता है, जबकि दोषी खुलेआम घूमते रहते हैं। कई बार वही अपराधी पीड़ित को डराने, धमकाने या दबाव डालने तक का प्रयास करते हैं।
ग्रामीण से लेकर शहरी इलाकों तक — जमीन विवाद, महिला उत्पीड़न, धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार, अपराधों की जांच—हर जगह न्याय की रफ्तार बेहद धीमी है।
कहीं जांच लटक जाती है, कहीं फाइलें महीनों तक अटकी रहती हैं, गवाह पलट जाते हैं,
तो कई मामलों में सत्ता और सिस्टम का दबाव पूरी दिशा बदल देता है।
इस बीच अपराधियों का मनोबल तेजी से बढ़ता जाता है, क्योंकि उन्हें पता है—कार्रवाई होना आसान नहीं, और होना भी हो तो देर से होगा।
कानून विशेषज्ञों की नजर में समस्या
कानून विशेषज्ञों के अनुसार— लंबित मामलों की बढ़ती संख्या, अधिकारियों की कमी, धीमी फाइल प्रक्रिया, लचर निगरानी तंत्र
—इन सभी कारणों से न्याय प्रणाली की गति प्रभावित हो रही है।
जब हर कदम पर “जांच जारी है” का बोर्ड टंगा दिखाई दे, तब न्याय उम्मीद की जगह भ्रम जैसा प्रतीत होने लगता है।
ये भी पढ़ें – घमंड नहीं, अनुभव ने सिखाया है—जिन्दगी का सच बहुत गहरा है
स्थानीय स्तर पर भी स्थिति भयावह
कई लोगों का कहना है कि थाने से लेकर तहसील तक एक आवेदन की सुनवाई में हफ्तों लग जाते हैं। इस बीच ताकतवर लोग इस देरी का लाभ उठाकर दूसरों को नुकसान पहुंचाने में सफल हो जाते हैं। इससे न केवल पीड़ित कमजोर पड़ता है, बल्कि सिस्टम पर भरोसा भी टूटने लगता है।
तेज न्याय ही मजबूत लोकतंत्र की नींव
आज जरूरत है—
समयबद्ध मामलों, जवाबदेही तय करने, तेज न्याय प्रक्रिया, पीड़ितों की सुरक्षा और सम्मान की गारंटी की।
क्योंकि जहां न्याय धीमा पड़ेगा, वहां अन्याय तेजी से पनपेगा, और यही स्थिति समाज और लोकतंत्र दोनों की जड़ों को कमज़ोर करती है।
ये भी पढ़ें – 1 दिसंबर से 28 फरवरी तक बिहार-दिल्ली-हरियाणा रूट की 24 ट्रेनें रद्द, 28 की फ्रीक्वेंसी भी घटी — यात्रियों के लिए जरूरी अपडेट
वाशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच…
ला पाज (राष्ट्र की परम्परा)। Bolivia की राजधानी La Paz के पास शुक्रवार को एक…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। माह-ए-रमजान इबादत, सब्र और आत्मशुद्धि का पवित्र महीना माना जाता है।…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। दरौली ग्राम सभा इन दिनों आध्यात्मिक रंग में रंगी नजर आ…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। तेजी से बदलते आधुनिक दौर में सुविधाएं बढ़ी हैं, लेकिन मानसिक…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। पकड़ी सिसवा गांव में शुक्रवार को आस्था और भक्ति का अद्भुत…