दक्षिणी चौक वन रेंज का मामला
लेकिन नही हुआ सम्बंधित वीट के अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)।सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग ऐसा मामला दक्षिणी चौक वन रेंज के कुसमहवां नाथनगर,वरसैना आदि वीटों मे देखने को मिल रहा है जहां रोजाना एक से दो पेड़ दिन-दहाड़े काटकर वन माफिया लकड़ी को चैला का रूप देकर जिला मुख्यालय पर चाय की दुकान व अन्य प्रतिष्ठानों पर सप्लाई करते नजर आ रहे हैं इसकी खबर 9 फरवरी 2024 को राष्ट्र की परम्परा समाचार पत्र में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था जिसको डीएफओ नवीन प्रकाश शाक्य के द्वारा संज्ञान में लेते हुए सम्बंधित अधिकारी का क्लास लिया था जिससे घबड़ाएं वन अधिकारियों ने वीटों से लकड़ी की बूट को खुदाई करके समाप्त करने का पहल शुरू कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दक्षिणी चौक वन रेंज के कुशमहवां , नाथनगर,बरसैना , आदि वीटों में वन माफिया दिन-दहाड़े सेंचुरी जंगल की लकड़ियां काटकर उनके अस्तित्व को मिटाने में लग गए हैं लेकिन जंगल के जिम्मेदारों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है जिससे वन सेंचुरी क्षेत्र आज वन माफियाओं के हाथों शिकार होने पर मजबूर हो रहे हैं। यह वही क्षेत्र है जो पिछले कुछ सप्ताह पहले चर्चा का विषय बना हुआ था लेकिन आज लकड़ियों की कटान देखकर मौन धारण किए क्षेत्र के जिम्मेदार वन बीट चौकी पर चैन की नींद ले रहे हैं। वहीं वन माफियाओं का प्रकोप जंगल की लकड़ियों पर तेजी से फैल रहा है। इस बीट के चौकी प्रभारी व जिम्मेदारों की मौन धारण व गैर जिम्मेदार रवैया से लोगों में चर्चा का विषय बन गया है। जिसको देखकर लोगों में चर्चा जोरों पर चल रहा है कि जब जंगल की लकड़ियां इसी तरह कटती रही तो वन सफारी योजना का क्या महत्व रह जाएगा तथा जिला अधिकारी का सपना कैसे पूरा हो पाएगा।घने जंगल व वन ग्राम के सौंदर्य को प्रदर्शित करने के लिए तथा वनों में स्थित धरोहरों को पर्यटक के रूप में लोगों के बीच प्रस्तुत करने का व महराजगंज जिले को प्रदेश में उत्तम स्थान दिलाने का जो सपना देखा जा रहा है वह वन माफिया के कारण धूमिल नजर आ रहा है। जिसका प्रमुख कारण है कि दक्षिणी चौक वन रेंज के कुशमहवां वीट के जंगलों में रोजाना एक से दो पेड़ों का कटना तथा इसके संबंधित अधिकारियों का मौन धारण करना जंगल सफारी के लिए घातक नजर आ रहा है।
संम्बधित खबर 09 फरवरी 2024को राष्ट्र की परम्परा समाचार पत्र मे प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था जिसको डीएफओ नवीन प्रकाश शाक्य के द्वारा संज्ञान में लेते हुए सम्बंधित अधिकारियों का क्लास लिया गया। घबड़ाए वन अधिकारियों ने अपने सम्बंधित वीटों से लकड़ी की बूट की खुदाई करके समाप्त करने का पहल शुरू कर दिया है।
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