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WhatsApp पर एड-फ्री इस्तेमाल के लिए आ सकता है पेड प्लान

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। दुनिया की सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली मैसेजिंग ऐप WhatsApp को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। आने वाले समय में व्हाट्सऐप चलाने के लिए यूजर्स को पैसे देने पड़ सकते हैं। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि कंपनी एक नए सब्सक्रिप्शन प्लान पर काम कर रही है, जिसके तहत यूजर्स को एड-फ्री एक्सपीरियंस मिलेगा।
इसका मतलब यह है कि अगर यूजर्स व्हाट्सऐप स्टेटस और चैनल्स में दिखने वाले विज्ञापन नहीं देखना चाहते हैं, तो उन्हें पेड प्लान सब्सक्राइब करना पड़ सकता है। हालांकि, इस प्लान को लेकर अभी कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

WhatsApp में एड-फ्री एक्सपीरियंस के लिए पेड प्लान की तैयारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाट्सऐप का यह नया सब्सक्रिप्शन प्लान खासतौर पर एड हटाने पर फोकस करेगा। यानी जो यूजर्स बिना किसी विज्ञापन के व्हाट्सऐप इस्तेमाल करना चाहते हैं, उन्हें इसके लिए भुगतान करना पड़ सकता है।
फिलहाल इस प्लान की कीमत, लॉन्च डेट और रोलआउट को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन ऐप के कोड में नए संकेत मिलने के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि मेटा आने वाले समय में व्हाट्सऐप को भी सब्सक्रिप्शन मॉडल की ओर ले जा सकती है।

पिछले साल शुरू हुए थे WhatsApp पर विज्ञापन

मेटा ने पिछले साल व्हाट्सऐप स्टेटस और चैनल्स में विज्ञापन दिखाने की शुरुआत की थी। यह फैसला कंपनी के लिए कमाई बढ़ाने के लिहाज से अहम था, लेकिन यूजर्स के बीच इसका काफी विरोध देखने को मिला।
अब तक व्हाट्सऐप अपने सिंपल और एड-फ्री इंटरफेस के लिए जाना जाता रहा है। ऐसे में स्टेटस और चैनल्स में एड आने के बाद कई यूजर्स ने नाराजगी जाहिर की थी। इसके बावजूद मेटा ने अपने फैसले में कोई बदलाव नहीं किया।

WhatsApp यूजर्स को पसंद नहीं आए थे विज्ञापन

व्हाट्सऐप पर विज्ञापन दिखने के बाद यूजर्स ने सोशल मीडिया पर इसका जमकर विरोध किया था। कई लोगों का कहना था कि व्हाट्सऐप की सबसे बड़ी खासियत उसका बिना किसी रुकावट वाला अनुभव है।
हालांकि, कंपनी का मानना है कि विज्ञापन केवल स्टेटस और चैनल्स तक सीमित हैं और पर्सनल चैट पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके बावजूद यूजर्स का एक बड़ा वर्ग एड-फ्री एक्सपीरियंस चाहता है, जिसे देखते हुए अब सब्सक्रिप्शन प्लान की चर्चा शुरू हो गई है।

WhatsApp के नए वर्जन में मिले संकेत

रिपोर्ट्स के अनुसार, व्हाट्सऐप के 2.26.3.9 वर्जन के ऐप कोड में कुछ नए स्ट्रिंग्स देखे गए हैं। इन स्ट्रिंग्स से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि कंपनी एड-फ्री एक्सपीरियंस के लिए एक नया सब्सक्रिप्शन प्लान तैयार कर रही है।
हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि यह फीचर टेस्टिंग स्टेज में है या जल्द ही यूजर्स के लिए रोल आउट किया जाएगा।

प्रीमियम फीचर्स मिलने की संभावना कम

रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि इस सब्सक्रिप्शन प्लान में कोई खास प्रीमियम फीचर्स शामिल नहीं होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य केवल विज्ञापनों को हटाना हो सकता है।
यानि अगर कोई यूजर यह उम्मीद कर रहा है कि पेड प्लान में एक्स्ट्रा स्टोरेज, एडवांस चैट फीचर्स या कोई नया टूल मिलेगा, तो फिलहाल इसकी संभावना कम बताई जा रही है।

कीमत और रोलआउट को लेकर सस्पेंस बरकरार

सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस सब्सक्रिप्शन प्लान की कीमत क्या होगी और यह किन देशों में लॉन्च किया जाएगा। फिलहाल मेटा ने इस पर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
यह भी साफ नहीं है कि व्हाट्सऐप इस प्लान को ग्लोबली लॉन्च करेगी या फिर कुछ चुनिंदा देशों में ही इसे उपलब्ध कराया जाएगा।

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Facebook और Instagram पर पहले आ चुका है ऐसा मॉडल

मेटा इससे पहले फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी एड-फ्री सब्सक्रिप्शन ऑप्शन लॉन्च कर चुकी है। हालांकि, यह सुविधा कुछ चुनिंदा देशों, खासतौर पर यूरोपीय संघ (EU) में ही दी गई थी।
बताया गया था कि यूरोपीय संघ के नियमों और दबाव के चलते मेटा को यह कदम उठाना पड़ा था। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या व्हाट्सऐप पर भी यह सब्सक्रिप्शन प्लान नियमों के चलते आएगा या यह कंपनी की नई कमाई रणनीति का हिस्सा है।

WhatsApp यूजर्स के लिए क्या बदलेगा?

अगर यह सब्सक्रिप्शन प्लान लागू होता है, तो यूजर्स के पास दो विकल्प होंगे—

• फ्री में व्हाट्सऐप इस्तेमाल करें और स्टेटस व चैनल्स में एड देखें

• या फिर पैसे देकर एड-फ्री एक्सपीरियियंस पाएं

हालांकि, पर्सनल चैट, कॉलिंग और मैसेजिंग पर इसका कोई असर पड़ेगा या नहीं, इसको लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।

आने वाले समय में बड़ा बदलाव संभव

व्हाट्सऐप लंबे समय से फ्री प्लेटफॉर्म रहा है, लेकिन मेटा के लगातार नए प्रयोग यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले समय में ऐप का स्वरूप बदल सकता है। विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन मॉडल के जरिए कंपनी अपने रेवेन्यू को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
अब देखना यह होगा कि यूजर्स इस बदलाव को कितनी आसानी से स्वीकार करते हैं।

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Karan Pandey

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