नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में गुरुवार सुबह से ही मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। राज्य की 294 सीटों में से 152 सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ और शुरुआती घंटों में ही लगभग 20 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी के पहाड़ी इलाकों से लेकर मुर्शिदाबाद, नदिया, बीरभूम और हुगली तक मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें नजर आईं। हालांकि इस बीच कुछ स्थानों पर छिटपुट हिंसा और तनाव की खबरें भी सामने आईं, जिससे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर रहीं।
मालदा के ट्रेजरी क्षेत्र में आग लगने की घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, जबकि मौके पर दमकल की टीम ने पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया। वहीं मेदिनीपुर में लगभग 21 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो दर्शाता है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में मतदाता सक्रिय रूप से भागीदारी कर रहे हैं।
चुनाव आयोग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। केंद्रीय बलों की तैनाती, ड्रोन निगरानी और संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त पुलिस बल की मौजूदगी के चलते मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बावजूद कुछ इलाकों से बमबाजी और झड़प की खबरें सामने आई हैं, हालांकि किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
राजनीतिक दृष्टि से यह चरण बेहद अहम माना जा रहा है। एक ओर भारतीय जनता पार्टी इसे शुरुआती बढ़त बनाने का अवसर मान रही है, वहीं सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। कांग्रेस और वाम दलों का गठबंधन भी इस चुनाव में अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश में है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
इधर तमिलनाडु में भी विधानसभा चुनाव ने नया राजनीतिक समीकरण खड़ा कर दिया है। राज्य की राजनीति, जो दशकों से द्रविड़ दलों के इर्द-गिर्द घूमती रही है, अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। पारंपरिक रूप से दो प्रमुख दलों—डीएमके और एआईएडीएमके—के बीच होने वाला मुकाबला इस बार त्रिकोणीय बन गया है। अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ के मैदान में उतरने से चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
तमिलनाडु में भी मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला और शुरुआती आंकड़ों के अनुसार लगभग 18 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। खास बात यह रही कि फिल्मी जगत की कई बड़ी हस्तियां भी मतदान केंद्रों पर नजर आईं। सुपरस्टार रजनीकांत, अभिनेता धनुष और अजीत कुमार जैसे दिग्गजों ने अपने मताधिकार का उपयोग कर लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की एंट्री ने युवाओं और शहरी मतदाताओं को नई दिशा दी है, जिससे पारंपरिक वोट बैंक प्रभावित हो सकता है। यही वजह है कि इस बार का चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि राजनीतिक संरचना में संभावित बदलाव का संकेत भी माना जा रहा है।
दोनों राज्यों में चुनावी माहौल पूरी तरह से चरम पर है। जहां पश्चिम बंगाल में सुरक्षा और हिंसा के बीच लोकतंत्र का पर्व जारी है, वहीं तमिलनाडु में नए राजनीतिक समीकरण इतिहास रचने की ओर बढ़ रहे हैं। आने वाले चरणों और परिणामों पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।
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