फार्मास्युटिकल विज्ञान में उच्चतम गुणवत्ता वाली शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए हम प्रतिबद्ध: कुलपति

डीडीयू में बीफार्मा और डीफार्मा पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारियां जारी

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय वर्तमान शैक्षणिक सत्र से बैचलर ऑफ फार्मेसी (बीफार्मा) और डिप्लोमा इन फार्मेसी (डीफार्मा) कार्यक्रम शुरू करने की तैयारियां जारी है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने शुक्रवार को फार्मेसी संस्थान के निदेशक और इन कार्यक्रमों के समन्वय के लिए विशेष रूप से गठित समिति के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में रजिस्ट्रार और विश्वविद्यालय प्रशासन के अन्य सदस्यों ने आवश्यक तैयारियों पर चर्चा की।
विश्वविद्यालय में फार्मेसी संस्थान शैक्षणिक वर्ष 2024-2025 से पूरी तरह से चालू हो जाएगा। संस्थान दोनों पाठ्यक्रम के लिए 60-60 छात्रों की प्रारंभिक क्षमता के साथ बीफार्मा और डीफार्मा कक्षाएं शुरू करने के लिए तैयार है।
विश्वविद्यालय फार्मेसी कार्यक्रम के माध्यम से सक्षम फार्मास्युटिकल टेक्नोक्रेट तैयार करने के साथ मूल्य-आधारित शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रमों का उद्देश्य नैतिक मूल्यों और मानवता की सामान्य भलाई के लिए सेवा के लिए आजीवन प्रतिबद्धता पैदा करना है।
भविष्य में विश्वविद्यालय का फार्मेसी संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश में आधुनिक दवाओं के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान करने के लिए एम.फार्मा और विभिन्न पीएचडी कार्यक्रम स्थापित करने की योजना पर कार्य कर रहा है।
शुरुआत में, संस्थान में 07 अच्छी तरह से सुसज्जित प्रयोगशालाएँ और 04 व्याख्यान कक्ष होंगे। प्रयोगशालाओं में शामिल हैं: फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री लैब (दो), फार्मेसी प्रैक्टिस लैब, फार्मास्यूटिक्स लैब (दो), फार्माकोलॉजी लैब व फार्माकोग्नॉसी लैब
इसके अतिरिक्त, संस्थान में एक कॉन्फ्रेंस हॉल, गर्ल्स और बॉयज कॉमन रूम, मशीन रूम, पेंट्री, स्टोर रूम, स्वतंत्र फार्मेसी लाइब्रेरी, फैकल्टी रूम, एनिमल हाउस, हर्बल गार्डन और इंटरनेट सुविधाओं के साथ कंप्यूटर रूम होगा, इसके बाद एक ऑडिटोरियम और जिमनैजियम जैसी सामान्य सुविधाएँ होंगी।
फार्मेसी संस्थान शैक्षणिक वर्ष 2024-2025 के लिए बहुत जल्द प्रवेश प्रक्रिया शुरू करेगा।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस पहल के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “बीफार्मा और डीफार्मा कार्यक्रमों की शुरूआत हमारे विश्वविद्यालय के लिए एक मील का पत्थर है। हम अपने छात्रों को फार्मास्युटिकल विज्ञान में उच्चतम गुणवत्ता वाली शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह पहल न केवल हमारी शैक्षणिक क्षमता को बढ़ाएगी बल्कि हमारे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा के समग्र विकास में भी योगदान देगी।”

rkpNavneet Mishra

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