भाटी और नरहनी गांवों में 45 मिनट में निपटी जांच, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
सिकन्दरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
मनरेगा योजनाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर नवानगर ब्लॉक के भाटी और नरहनी गांव में की गई जांच अब विवादों में घिर गई है। बुधवार को मनरेगा डीसी ऋचा सिंह द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण को लेकर ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं में नाराज़गी है जांच के दौरान डीसी ने महज 45 मिनट में दोनों गांवों का निरीक्षण पूरा कर लिया, जिससे शिकायतकर्ताओं ने इसे ‘कोरी औपचारिकता’ बताया है। भाटी गांव के शिकायतकर्ता राकेश कुमार राय ने बताया कि उन्हें जांच की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि, “जांच से महज एक घंटे पहले मनरेगा एपीओ ने फोन कर जानकारी दी। जब तक मैं मौके पर पहुंचा, जांच अधिकारी स्थल से जा चुकी थीं। राकेश ने जांच को केवल दिखावा बताते हुए कहा, “प्रक्रिया में न कोई पारदर्शिता रही और न ही शिकायतकर्ता की बात सुनी गई। यह जांच सिर्फ कागज़ों में पूरी कर ली गई।”इसी प्रकार नरहनी गांव के धर्मेंद्र कुमार सिंह, जिन्होंने एकसार पोखरे में मनरेगा कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत की थी, ने भी यही आरोप दोहराया। उन्होंने कहा, “जब शिकायतकर्ता को ही मौके पर बुलाया नहीं गया, तो निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है?”ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय से सूचना दी जाती और सभी पक्षों को शामिल किया जाता, तो जांच अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय हो सकती थी।अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इन आरोपों और असंतोषजनक जांच प्रक्रिया को लेकर क्या रुख अपनाता है। शिकायतकर्ताओं ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय पुन: जांच की मांग की है।
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