मुंबई में CJP के प्रदर्शन को लेकर बवाल, अनुमति नहीं फिर भी भीड़ जुटाने के आरोप

शिवाजी पार्क में प्रदर्शन को लेकर घमासान, CJP नेताओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत; अनुमति न होने पर उठे गंभीर सवाल

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा)। गांधी जयंती के मौके पर मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर विवाद गहरा गया है। शिवाजी पार्क निवासी और पेशे से अधिवक्ता सिद्धि देवलेकर ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके समेत पार्टी से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।
देवलेकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने अभिजीत दिपके, CJP के को-कन्वीनर आशुतोष रांका, सौरव दास और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ शिकायत की है। उनका आरोप है कि पुलिस एवं संबंधित अधिकारियों से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद इन लोगों की ओर से शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन आयोजित करने और बड़ी संख्या में लोगों को जुटाने का प्रयास किया जा रहा था।
यह शिकायत उस समय सामने आई है, जब CJP ने गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में अपना प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया था। प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे सहित विभिन्न मांगें उठाए जाने की बात कही गई थी।
बताया गया है कि मुंबई पुलिस ने पहले शिवाजी पार्क में सभा आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। आयोजकों को इसके बजाय किसी अन्य स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद कार्यक्रम को लेकर आगे बढ़ने के फैसले ने विवाद को और बढ़ा दिया।
अधिवक्ता सिद्धि देवलेकर ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि अनुमति के बिना सार्वजनिक सभा आयोजित करना राजनीतिक विरोध की आड़ में कानून का उल्लंघन होगा। उन्होंने CJP की संवैधानिक प्रतिबद्धता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि संवैधानिक अधिकारों के साथ न्यायिक निर्देशों और कानून का पालन करना भी जरूरी है।
देवलेकर ने अपने बयान में यह भी कहा कि किसी भी राजनीतिक विचारधारा, अभियान या व्यक्ति को संविधान और कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के संदर्भ में भी उठाया और कहा कि कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से आवश्यक है।
शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति को लेकर सामने आए इस विवाद ने अब राजनीतिक विरोध, सार्वजनिक सभा की अनुमति और न्यायिक निर्देशों के पालन को लेकर बहस तेज कर दी है। मामले में पुलिस शिकायत के बाद आगे की कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है।

Editor CP pandey

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