आजमगढ़(राष्ट्र की परम्पर) संयुक्त किसान मोर्चा ने भाजपा सांसद दिनेश लाल निरहुआ द्वारा आज़मगढ़ के लोगों को मनबढ़ बोलते हुए हिंसा को उकसावा देने वाले बयान पर जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की.
संयुक किसान मोर्चा आज़मगढ़ के नेताओं ने कहा कि 21 नवम्बर को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर शिकायती पत्र देते हुए सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ के हेट स्पीच को संज्ञान में लेते हुए सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई थी, किन्तु अभी तक कोई कार्यवाही हुई या नही, इसके बारे में कोई सूचना नहीं है।
ठीक इसी तरह केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा उर्फ टेनी ने किसानों को सबक सिखाने को बोला था और उनके बेटे और भाजपा के लोगों ने लखीमपुर खीरी में किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी थी, जिसमें चार किसान और एक पत्रकार की मौत हो गयी। ऐसे में भाजपा सांसद दिनेश लाल निरहुआ के बयान को गंभीरता से लेने की जरूरत है, जिससे भविष्य में कोई अप्रिय घटना न हो, हमें यह आशंका है कि अजय मिश्रा उर्फ टेनी की भांति अराजक तत्वों के माध्यम से हम आंदोलनकारियों के साथ कोई हिंसक घटना हो सकती है।
सांसद का बयान हमारी पहचान, सम्मान, अस्मिता और जिले के गरिमा पर हमला है इसलिए उनके ऊपर तत्काल कार्यवाही की जाए।
वक्ताओं ने कहा कि इसके कुछ ही दिन पहले दिनेश लाल यादव ने मंदुरी में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के नाम पर भूमि अधिग्रहण का विरोध करने वालों पर झूठा आरोप लगाते हुए बोला था कि, जो सरकारी जमीन हड़प कर बैठे हैं वो चिल्ला रहे हैं,दिनेश लाल यादव ने आज़मगढ़ के लोगों को विकास विरोधी कहते हुए धमकी दी और आंदोलन कर रहे लोगों के खिलाफ बोला उससे प्रतीत होता है कि आज़मगढ़ के वासियों और आंदोलन कर रहे लोगों के खिलाफ वो भड़काऊ बयान दे रहे हैं। इसके पहले भी प्रशासन ने सर्वे के नाम पर 12-13 अक्टूबर के दिन और रात में महिलाओं-पुरुषों के ऊपर हिंसा की थी.
ज्ञापन में दर्शाया गया है कि, सदर लोकसभा, आज़मगढ़ के सांसद दिनेश लाल निरहुआ के विवादित बयान का वायरल वीडियो जिसमें वो आज़मगढ़ के लोगों को मनबढ़ बोल रहे हैं, उसने आज़मगढ़ के होने के नाते हमारी भावनाओं को आहत किया है।
वायरल हेट स्पीच में मुबारकपुर विधानसभा स्थित रासेपुर में शनिवार को सभा को संबोधित करते हुए दिनेश लाल यादव ने कहा “…मनबढ़ई खत्म करना पड़ेगा और मनबढ़ई खत्म होई और मनबढ़ई खत्म करने का, एक्के उपाय है कि या त मनबढ़ के जेल के भीत्तर, नहीं त सीधा ऊपर ज्यादा मनबढ़ है तो ठेहुना पंचर मारके ठेहुनवये तोड़ दा… .” सांसद का यह बयान संसदीय गरिमा के विरुद्ध है, जिसमें वो कानून व्यवस्था को धता बताते हुए हत्या और हिंसा की धमकी देते हुए उकसा रहे हैं। इस बयान से आज़मगढ़ के लोगों में आतंक का माहौल है और सरकार और सरकार के लोग इस बयान से प्रेरित होकर हिंसा कर सकते हैं.
ज्ञापन देने वालों में संयुक्त किसान मोर्चा के रविन्द्रनाथ राय, राजेश, दुखहरन राम, शम्भू शास्त्री, राजनेत यादव, दानबहादुर मौर्य, वेद प्रकाश, राहुल, सूबेदार यादव, अवधेश यादव, राजीव यादव, नन्दलाल, रामराज, विनोद यादव, विनोद सिंह, अवधेश यादव थे.
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