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UGC कानून के विरोध में गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रों का जोरदार धरना-प्रदर्शन

छात्र हितों के खिलाफ बताया नया कानून, सरकार से वापस लेने की मांग

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नए UGC कानून के विरोध में मंगलवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी करते नजर आए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कानून को छात्र विरोधी बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। इस दौरान “UGC कानून वापस लो”, “छात्र विरोधी कानून नहीं चलेगा” और “सरकार मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए गए।
धरने पर बैठे छात्रों का कहना था कि नया UGC कानून देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करेगा और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर सीधा हमला है। छात्रों के अनुसार इस कानून के लागू होने से विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ जाएगा, जिससे शैक्षणिक स्वतंत्रता समाप्त हो जाएगी और शिक्षा का तेजी से निजीकरण होगा।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि नए UGC कानून के तहत शिक्षा को बाजार की वस्तु बनाया जा रहा है। इससे फीस में बढ़ोतरी होगी और गरीब, मध्यम वर्ग तथा ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना और भी कठिन हो जाएगा। छात्रों का कहना है कि यह कानून शिक्षा के समान अधिकार के मूल सिद्धांत के खिलाफ है।
धरने में शामिल एक छात्र ने कहा,
“यह कानून पूरी तरह से छात्र विरोधी है। अगर इसे लागू किया गया तो शिक्षा महंगी हो जाएगी और गरीब छात्रों के सपने टूट जाएंगे। हम इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे।”
वहीं एक अन्य छात्र ने कहा,
“UGC कानून के जरिए विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता खत्म की जा रही है। सरकार सीधे विश्वविद्यालयों के प्रशासन और अकादमिक फैसलों में हस्तक्षेप करना चाहती है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।”
छात्रों ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालयों की पहचान उनकी स्वायत्तता से होती है, लेकिन नया कानून उस स्वायत्तता को समाप्त कर देगा। इससे शोध, पाठ्यक्रम निर्माण और नियुक्तियों में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ने की आशंका है, जिसका सीधा नुकसान छात्रों और शिक्षकों दोनों को होगा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नायब तहसीलदार भागीरथी सिंह को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से छात्रों ने मांग की कि UGC बिल को सरकार तत्काल वापस ले और छात्र, शिक्षक एवं विश्वविद्यालय हितों के खिलाफ किसी भी कानून को लागू न किया जाए। छात्रों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में शांति व्यवस्था बनी रही। किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी गई और छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की गई।
छात्र नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ गोरखपुर विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जरूरत पड़ी तो इसे प्रदेश और देश स्तर तक ले जाया जाएगा। छात्रों ने एकजुट होकर कहा कि वे अपने अधिकारों और शिक्षा के भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष करते रहेंगे।

rkpNavneet Mishra

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