गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलाजी विभाग मे दो दिवसीय कान्फ्रेंस का समापन मंगलवार को हुआ।
समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. पूनम टण्डन ने कान्फ्रेंस की सफलता के लिए बधाई देते हुए कहा कि कान्फ्रेंस मे प्रतिभागी शोध के साथ-साथ अन्य बहुत सी बातें सीखते हैं। इस तरह के कान्फ्रेंस वैज्ञानिकों के आपसी सहयोग को बढ़ावा देते हैं।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि सेन्ट्रल एग्रोफोरेस्ट्री इंस्टीट्यूट, झांसी के निदेशक डॉ. ए. अरुणांचलम ने सभी प्रतिभागियों से जीवन मे एक पेड़ लगाने का आह्वान करते हुए कहा कि कम से कम 33% क्षेत्र मे जंगल होना चाहिए। जबकि हमारे देश मे अभी सिर्फ 24% भूभाग पर ही वन हैं। उन्होने कहा कि हमे सभी जीवों के सह आस्तित्व के बारे मे सोचना चाहिए।
आयोजन सचिव डाॅ. पवन दोहरे ने सभी व्याख्यानों का लेखा जोखा प्रस्तुत किया। समापन समारोह मे ओरल तथा पोस्टर के चुने गये प्रतिभागियों को अमेरिकन केमिकल सोसाइटी द्वारा पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर सेन्ट्रल एग्रोफोरेस्ट्री इंस्टीट्यूट, झांसी तथा दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर भी किए गए। समापन समारोह का संचालन डाॅ. गौरव सिंह ने किया।
इस राष्ट्रीय कान्फ्रेंस के संयोजक बायोटेक्नोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो राजर्षि कुमार गौर तथा सह- संयोजक प्रो. दिनेश यादव व प्रो. शरद कुमार मिश्र थे। आयोजन सचिव डा. गौरव सिंह तथा डाॅ. पवन दोहरे थे।
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