बंद कताई मिलों की जमीन पर खड़ा होगा नया उद्योग संसार, यूपी में बनेंगे पांच टेक्सटाइल पार्क

गुजरात-महाराष्ट्र के कारोबारियों की यूपी पर नजर, पांच जिलों में टेक्सटाइल पार्क की तैयारी

अभिषेक कुमार की रिपोर्ट

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश में कपड़ा उद्योग को विस्तार देने की दिशा में सरकार नई पहल करने जा रही है। मऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, सीतापुर और रायबरेली में संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के लिए बंद पड़ी कताई मिलों की जमीन का उपयोग किए जाने की योजना है। इससे निवेश के साथ रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बताया जा रहा है कि हस्तशिल्प, खादी एवं वस्त्रोद्योग विभाग ने प्रस्तावित पार्कों के लिए जमीन चिह्नित कर ली है। संबंधित भूमि की पैमाइश कराकर उसकी वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट भी मांगी गई है। जरूरत पड़ने पर पार्क के लिए अतिरिक्त भूमि की व्यवस्था की जाएगी।
पार्कों में विकसित होंगी जरूरी सुविधाएं
टेक्सटाइल पार्कों में निवेशकों की जरूरत के मुताबिक सड़क, बिजली और पानी सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। अवस्थापना सुविधाएं तैयार होने के बाद निवेशकों को औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रस्ताव को आगामी कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए रखा जा सकता है।
उत्तर प्रदेश के टेक्सटाइल क्षेत्र में दूसरे राज्यों के उद्यमियों की रुचि बढ़ रही है। अहमदाबाद, सूरत और मुंबई के कई कपड़ा कारोबारियों ने प्रदेश में निवेश की इच्छा जताई है। अधिकारियों के अनुसार, अपेक्षाकृत कम लागत वाला श्रम, औद्योगिक गतिविधियों के लिए अनुकूल वातावरण और बड़े बाजार तक पहुंच निवेशकों को आकर्षित कर रही है। गुजरात और महाराष्ट्र में औद्योगिक भूमि की उपलब्धता से जुड़ी चुनौतियां भी कारोबारियों के लिए उत्तर प्रदेश को एक विकल्प बना रही हैं।
पांच स्थानों पर पहले से चल रही परियोजनाएं
प्रदेश में वाराणसी के रमना, अमरोहा, बरेली के बहेड़ी, संतकबीर नगर के मगहर और बिजनौर के नगीना में भी संत कबीर टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं में लगभग 50 से 80 एकड़ तक भूमि पर बुनियादी ढांचा तैयार करने का काम प्रस्तावित है।
हस्तशिल्प एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान के अनुसार, कपड़ा उद्योग में बढ़ती संभावनाओं और निवेशकों की रुचि को देखते हुए नए टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। नए पार्कों से प्रदेश में कपड़ा उत्पादन, निवेश और रोजगार के अवसरों को विस्तार देने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।

Editor CP pandey

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