कानपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। कानपुर के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार भोर लगभग 3:20 बजे एक निजी स्लीपर बस के पलटने से बड़ा हादसा हो गया। तेज रफ्तार बस डिवाइडर से टकराई और करीब 50 मीटर तक घिसटती चली गई। हादसे के तुरंत बाद बच्चों, महिलाओं और पुरुषों की चीख-पुकार मच गई।
यात्रियों का आरोप: चालक ने शराब पी रखी थी, बस को लहरा-लहराकर चला रहा था
हादसे के घायलों और बचे यात्रियों ने पुलिस को बताया कि चालक ने आगरा स्थित ढाबे पर शराब पी रखी थी। कुछ यात्रियों ने उसे मोबाइल पर वीडियो बनाते हुए टोका भी, लेकिन वह नहीं माना और तेज रफ्तार में बस को लहराते हुए चलाता रहा। कई यात्रियों का कहना है कि हादसा चालक की झपकी के कारण भी हो सकता है।
हैलट में भर्ती घायल सतेंद्र, मृतक अनुराग के पिता अजय समेत कई यात्रियों ने बताया कि लंबी दूरी की बसों में दो ड्राइवर होते हैं, लेकिन शराबखोरी और मनमानी के कारण यात्रियों की जान जोखिम में डाल दी जाती है।
चालक-परिचालक मौके से फरार, यात्रियों का सामान थाने में सुरक्षित
अरौल थानाध्यक्ष जनार्दन सिंह यादव ने बताया कि पुलिस मौके पर कुछ ही मिनटों में पहुंच गई, लेकिन चालक और परिचालक वहां नहीं मिले। बस में 55-56 यात्री होने का अनुमान है। कई यात्रियों का सामान थाने में जमा है, जबकि कुछ यात्री दूसरे वाहनों से अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए।
पहले भी कई बसें हो चुकी हैं दुर्घटनाग्रस्त—झपकी, ओवरटेक और तेज रफ्तार बनते कारण
ठठिया से अरौल तक के क्षेत्र में बीते वर्षों में कई गंभीर हादसे हो चुके हैं।
27 मई 2025 को दो बसें ओवरटेक करते समय टकरा गई थीं—30 लोग घायल।
2 जुलाई 2023 को एक बस डिवाइडर तोड़कर खेतों में जा गिरी थी—16 यात्री घायल।
चालकों की जल्दबाजी और तेज रफ्तार बन रही बड़ी समस्या
अरौल थानाध्यक्ष के अनुसार दिल्ली–लखनऊ रूट पर चलने वाली नॉन-स्टॉप बसों के चालक आराम किए बिना बस भगाते हैं। रात के समय नींद का झोंका इन हादसों की सबसे आम वजह है।
ऐसे हुआ हादसा
दिल्ली के आनंद विहार व आईएसबीटी से बिहार के लिए निकली बस (BR 23 P 9389) आगरा से निकलने के बाद लखनऊ की ओर बढ़ रही थी। भोर में अरौल थाना क्षेत्र के मकनपुर के पास बस बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराई और पलट गई।
मौके पर 3 यात्रियों की मौत, 25 से अधिक घायल यूपीडा और स्वास्थ्य विभाग की 15 एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और घायलों को सीएचसी बिल्हौर व बाद में हैलट अस्पताल भेजा गया।
मृतकों के नाम
40 मिनट तक बाधित रहा यातायात
हादसे के बाद करीब 40 मिनट तक यातायात बाधित रहा। पुलिस ने क्रेन बुलाकर बस को हटवाया और हाईवे को साफ कराया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि बस नालंदा RTO में 2018 में पंजीकृत है और मालिक का नाम प्रवीण अग्रवाल है।
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