बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के बरहज थाना क्षेत्र के कोटवा देवरा गांव में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। खेत में लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पास में बनी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में झोपड़ी में मौजूद एक दिव्यांग महिला की झुलसकर मौत हो गई।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पैना निवासी श्रीकिशुन ने दियारा क्षेत्र में फसलों और पशुओं की देखरेख के लिए एक झोपड़ी बना रखी थी। बुधवार दोपहर अज्ञात कारणों से खेत में गेहूं के डंठलों में आग लग गई। तेज पछुआ हवा के कारण आग तेजी से फैलती हुई झोपड़ी तक पहुंच गई।
महिला की दर्दनाक मौत
उस समय झोपड़ी में श्रीकिशुन की 40 वर्षीय दिव्यांग पत्नी बच्ची देवी अकेली मौजूद थीं।
आग की लपटें तेज होने के कारण उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।
ग्रामीणों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन झोपड़ी पूरी तरह जल चुकी थी और महिला गंभीर रूप से झुलस गई थीं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया।
उपजिलाधिकारी हरिशंकर लाल, तहसीलदार अरुण कुमार और थाना अध्यक्ष विशाल उपाध्याय मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
आग पीड़ितों को कैसे मिलता है मुआवजा?
ऐसे मामलों में सरकार द्वारा सहायता दी जाती है:
• आपदा राहत कोष से आर्थिक मदद
• झोपड़ी/घर के नुकसान पर मुआवजा
• राशन और जरूरी सामग्री
• अस्थायी रहने की व्यवस्था
पीड़ित परिवार तहसील/लेखपाल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
आग से बचाव के जरूरी उपाय
• खेतों में आग लगने पर तुरंत सूचना दें
• तेज हवा में आग जलाने से बचें
• आसपास पानी या मिट्टी रखें
• झोपड़ी/घर को खेत से सुरक्षित दूरी पर रखें
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