कल तक प्रकृति नाराज़ थी,
मानसून अब तक नासाज़ था,
आज यहाँ भी अति वृष्टि है,
बरसात का अब आगाज है।
आधा सावन बीत गया था,
पावन मास शिव जी का यह,
काले मेघ गगन आच्छादित,
आकर हो जाते थे बिदलित।
इंद्रदेव क्षेत्र से अब प्रसन्न हैं,
अवधखण्ड में अब झमाझम है,
लखनऊ से रामलला की अवध
पुरी तक बारिस ही बारिस है।
रामलला की कृपा हुई अब,
मिली आज जनमानस को,
श्रद्धाभक्ति पर कृपा हुई है,
संत्रास मिट गया है सबको।
हे ईश्वर करते रहिए प्रजा पर,
आपके रामराज्य की आशा है,
आदित्य इंद्रदेव प्रसन्न रहिये,
सारे जनमानस को खुश रखिये।
कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। प्रदेश सरकार के नव निर्माण के नौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य…
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। शनिवार को दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और तेज…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। पिपराईच थाना पुलिस की तत्परता और सक्रियता का एक सराहनीय उदाहरण…
बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। शनिवार को स्थानीय नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ईदुल फितर का…
वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा)। मंडल रेल प्रबंधक Ashish Jain की प्रेरणा से वाराणसी मंडल के…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के पनियरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा हेमछापर के पोखरा टोला…