मुख्य कार्यपालक अधिकारी के निरीक्षण में पैंतीस अधिकारी कर्मचारी अनुपस्थित, एक दिन वेतन कटा

गौतम बुद्ध नगर (राष्ट्र की परम्परा)l ओपी श्रीवास्तव
उत्तर प्रदेश का गेटवे कहा जाने वाला नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण ( नोएडा) प्रदेश की औद्योगिक उत्थान की जिम्मेदारी बखूबी निभा रहा है । जिसकी कमान तेज तर्रार सीनियर आई ए एस अधिकारी डॉक्टर लोकेश एम के हाथों में है।
लेकिन नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण जिसे संक्षिप्त में नोएडा कहा जाता है के अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी बार-बार की चेतावनी के बाद भी कार्यालय में समय से नहीं बैठते हैं और ना ही दिए गए जिम्मेदारियां का सही तरीके से निर्वहन करते हैं। इससे आम जनता को परेशानियां से दो चार होना पड़ता है ।
पिछले कई दिनों से इस बात की जानकारी प्राधिकरण के मुख्य कार्य पालक अधिकारी डाक्टर लोकेश एम को आम जनता द्वारा दी जा रही थी ।
परिणाम स्वरूप दो जून दिन सोमवार को डॉक्टर लोकेश एम ने अपने प्राधिकरण के सेक्टर छह स्थित कार्यालयों का अचानक बारीकी से निरीक्षण एवं अवलोकन करना शुरू किया । तो वह यह देखकर आश्चर्यचकित रह गए कि 35 अधिकारी और कर्मचारी समय से कार्यालय नहीं पहुंचे थे और वे अनुपस्थित थे ।

इससे नाराज होकर मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉक्टर लोकेश ने इन सभी 35 अधिकारियों कर्मचारियों का एक दिन का वेतन बाधित कर दिया ।
इस कार्रवाई से नोएडा के प्रशासनिक कार्यालय में सोमवार को हड़कंप मच गया। सभी कर्मचारी एक दूसरे का मुंह ताकते हुए नजर आए। कई अधिकारी कर्मचारी एक दूसरे को अपनी सफाई देने में लगे रहे।

यहां यह उल्लेख करना जरूरी है कि डॉक्टर लोकेश एम वही साहसी आईं ए एस अधिकारी हैं जिन्होंने कुछ माह पूर्व अपने नोएडा (प्राधिकरण) के कार्यालय में बैठकर सीसीटीवी में जब यह देखा कि एक बुजुर्ग खड़े होकर अपनी शिकायत एक कार्यालय में संबंधित कर्मचारी से कर रहे थे, लेकिन संबंधित कर्मचारी ने बुज़ुर्ग को बैठने के लिए कुर्सी नहीं दी थी । जबकि कर्मचारी स्वयं कुर्सी पर बैठा हुआ था ।

बताया जाता है कि मुख्य कार्यपालक अधिकारी अपने कार्यालय में सीसीटीवी में इस दृश्य को काफी देर से देख रहे थे । अंततः बीस पच्चीस मिनट बाद उनसे बर्दाश्त नहीं हुआ और उन्होंने तत्काल मौके पर खुद पहुंच कर यह फरमान जारी कर दिया कि यदि कोई शिकायत करने वाला खड़ा होकर के अपनी शिकायत कर रहा है तथा सम्बंधित कर्मचारी कुर्सी पर बैठकर आराम से शिकायत सुन रहा है तो यह बहुत ना इंसाफी है। कर्मचारी को भी खड़ा होकर पब्लिक की फरियाद सुननी पड़ेगी।

परिणाम यह हुआ कि मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉक्टर लोकेश एम ने सभी कर्मचारियों को दन्ड स्वरूप खड़ा होने का आदेश दे दिया और उस दिन सुबह से शाम तक कर्मचारियों को दिनभर खड़ा होकर लोगों की बातों को सुनना और काम करना पड़ा ।

कहते हैं कि इस अधिकारी की इस संवेदनशीलता को आम जनता ने काफी साराहा और अधिकारी के कार्य प्रणाली की प्रशंसा की।

इस संबंध में डॉक्टर लोकेश एम ने कहा कि समय-समय पर कर्मचारियों और अधिकारियों को सजग और सतर्क करने के लिए औचक निरीक्षण किया जाता है तथा कमी पाई जाने पर सुधारने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि नोएडा को औद्योगीकरण के क्षेत्र में नंबर एक बनाने तथा साफ़ सुथरा एवं स्वच्छ वातावरण प्रदान करने का उनका प्रयास निरंतर जारी रहेगा।

rkpNavneet Mishra

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