6 जून को होगी विवादित भूमि की पैमाइश
सिकंदरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)। ऐतिहासिक शनि मंदिर तोड़े जाने को लेकर कस्बे में तनाव और असंतोष की लहर अब भी थमी नहीं है। इस कार्यवाही के बाद से ही विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों में रोष व्याप्त है। आमजन का आरोप है कि धार्मिक भावनाओं को आहत करते हुए प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई की, जिसकी उन्हें पूर्व में कोई जानकारी तक नहीं दी गई। वही सादे पेपर पर दस्तक प्रशासन द्वारा कराने मंदिर के संरक्षक के ऊपर नगर पंचायत से नोटिस देने व फूड विभाग से छापामारी करने को लेकर लोगों में व्यापारियों सहित हिंदूवादी संगठनों में भारी आक्रोश था इस घटना के विरोध में विगत दिनों हिंदूवादी संगठनों के प्रतिनिधियों ने तहसील में पहुंचकर उपजिलाधिकारी का घेराव किया था। इसके बाद प्रशासन ने तीन दिन का समय वार्ता के लिए दिया था प्रशासन के तहत समय के अनुसार सोमवार को तहसील सभागार में तहसीलदार प्रवीण सिंह की अध्यक्षता में दोनों पक्षों में वार्ता हुई वार्ता के बाद काफी दोनों पक्षों में बहस भी देखने को मिला अधिकारियों के बार-बार हस्तक्षेप के बाद माहौल शांत हुआ। बैठक में अंततः यह निर्णय लिया गया कि विवादित भूमि की पैमाइश राजस्व अभिलेखों के आधार पर कराई जाएगी, जिससे स्पष्ट हो सके कि भूमि सरकारी है या मंदिर ट्रस्ट अथवा किसी अन्य संस्था की है। तहसीलदार प्रवीण सिंह ने दोनों पक्षों की मौजूदगी में जमीन की पैमाइश 6 जून शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से कराने की बात कही । इस दौरान सभी पक्षों को उपस्थित रहने के लिए कहा गया स्थानीय संगठनों के पदाधिकारियों एवं व्यापारियों ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि मंदिर वर्षों पुराना है और जनता की आस्था का केंद्र रहा है लेकिन प्रशासन ने बिना पैमाइश के ही अतिक्रमण बात कर मंदिर को कैसे तोड़ दिया। अतिक्रमण बताकर ढहाना न सिर्फ गलत है, बल्कि यह धार्मिक भावनाओं का भी अपमान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पैमाइश में किसी तरह की गड़बड़ी या पक्षपात हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। बैठक में नायब तहसीलदार सीपी यादव बिपिन कुमार गुप्ता, अनंत मिश्रा, अरविंद राय, प्रयाग चौहान, आकाश तिवारी, मनोज मोदनवाल, लालबचन तिवारी, लालबचन शर्मा, अरविंद मधुकर, दिनेश सोनी,, अनूप जायसवाल, अमित गुप्ता, रमेश गुप्ता, अवधेश सिंह, अशोक जायसवाल, रविंद्र वर्मा, जितेंद्र सोनी समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे। अब कस्बे की जनता की निगाहें 6 जून को होने वाली पैमाइश पर टिकी हैं। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि निष्पक्ष कार्रवाई के माध्यम से सच सामने आएगा और जो गलती हुई है, उसकी भरपाई की जाएगी। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून के दायरे में रहते हुए निष्पक्षता से पूरा मामला निपटाया जाएगा। ब्यन्तानंद संस्कृत विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री राम प्रसाद ने आरोप लगाया कि प्रबंधक द्वारा जानबूझकर मामले को तूल दिया जा रहा है विद्यालय के नाम से अभिलेख में 5 डिसमिल जमीन है जिसकी पूर्व में भी पैमाईस हो चुकी है हमसे भी कई बार दबाव बनाकर प्रबंधक द्वारा पैसा व अभिलेखों में छेड़छाड़ करने के लिए दबाव बनाया जाता है मेरे द्वारा मना करने पर मेरे खिलाफ झूठा प्रार्थना पत्र दिलाकर मुझे निलंबित करने की धमकी दी जाती है जबकि विभाग द्वारा मेरे ऊपर कोई कार्रवाई अब तक नहीं की गई है प्रधानाचार्य ने तहसीलदार प्रवीण सिंह से भी विद्यालय के प्रबंधक के द्वारा किए जा रहे दुर्व्यवहार की शिकायत की गई जिस पर तहसीलदार ने प्रधानाचार्य को मदद करने का भरोसा दिया वहीं उच्चअधिकारियों से भी अपनी बात रखने की सलाह दी
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