गोवा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क )में बुधवार से 10 दिवसीय गणेश उत्सव पारंपरिक उत्साह और गहरी आस्था के साथ शुरू हो गया है। राज्यभर के लोगों ने अपने-अपने घरों में भगवान गणेश की मूर्तियां स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना की। गोवा की लगभग 70 प्रतिशत आबादी हिंदू है, ऐसे में यह पर्व राज्य के अधिकांश घरों में बड़े उत्साह से मनाया जाता है।
मंगलवार देर रात भक्तजन बड़े हर्षोल्लास के साथ मूर्तियों को घर लाए और बुधवार सुबह अनुष्ठानों के बीच भगवान गणेश का स्वागत किया। ढोल-ताशों की गूंज और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ गणपति बप्पा मोरया के जयकारे पूरे राज्य में गूंज उठे।
इस उत्सव को लेकर गोवा का हर घर रोशनी और सजावट से जगमगा उठा है। विशेष रूप से पारंपरिक पकवान – मोदक, नेवऱ्या और अन्य व्यंजन बनाए जाते हैं, जिन्हें प्रसाद के रूप में भगवान गणेश को अर्पित किया जाता है।
गणेश चतुर्थी का यह पर्व गोवा की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है। खास बात यह है कि राज्य के बाहर या विदेश में काम कर रहे गोवावासी भी इन दिनों अपने पैतृक गांव लौटते हैं ताकि परिवार और समाज के साथ मिलकर इस पर्व का आनंद ले सकें।
समुदायों के बीच एकता, भक्ति और आनंद का यह महापर्व अगले दस दिनों तक चलता रहेगा और फिर विधिवत विसर्जन के साथ समाप्त होगा।
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