सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में नवम दीक्षांत समारोह आज, राज्यपाल करेंगी बुद्ध प्रतिमा का अनावरण

सिद्धार्थनगर (राष्ट्र की परम्परा)। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु में 10 और 11 नवंबर को नवम दीक्षांत समारोह आयोजित होगा। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। समारोह को लेकर विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन की तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। इस बार दीक्षांत समारोह की प्रमुख आकर्षक कड़ी विश्वविद्यालय के नए प्रवेश द्वार पर स्थापित भगवान गौतम बुद्ध की विशाल प्रतिमा का अनावरण होगा, जो सिद्धार्थनगर की अंतरराष्ट्रीय बौद्ध विरासत का प्रतीक बनेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह प्रतिमा भविष्य में संस्थान को बौद्ध अध्ययन, अंतरराष्ट्रीय शोध, इतिहास, पुरातत्व और सांस्कृतिक अध्ययन के वैश्विक केंद्र के रूप में पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
राज्यपाल के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और पुलिस अधीक्षक अभिषेक महाजन विश्वविद्यालय परिसर में तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। मंच, वीआईपी मार्ग, हेलीपैड, ट्रैफिक रूट, पार्किंग, सुरक्षा बैरिकेडिंग, इमरजेंसी एग्जिट और चेकिंग पॉइंट। सभी व्यवस्थाओं की फील्ड टीम और इंटेलिजेंस विंग द्वारा रियल टाइम निगरानी की जा रही है। नेपाल सीमा के निकट स्थित जिला होने के कारण अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम भी लगाए गए हैं। राज्यपाल विश्वविद्यालय परिसर में विकसित चंदन वाटिका, ओपन जिम और पद्म सरोवर जैसी परियोजनाओं का लोकार्पण भी करेंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि ये परियोजनाएँ संस्थान को ग्रीन कैंपस और नेचर-बेस्ड रिसर्च मॉडल के रूप में विकसित करने में सहायक होंगी।
समारोह में 48 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल प्रदान किए जाएंगे, जिसमें 37 राज्यपाल पदक और 11 अक्षय निधि पदक शामिल हैं। इस वर्ष 4452 उपाधियाँ डिजिलॉकर पर अपलोड की जाएंगी। 32 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि प्रदान की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, कई छात्राएँ इस बार मल्टी-गोल्ड विजेता बनने जा रही हैं। दीक्षांत समारोह में आईआईएसईआर मोहाली के निदेशक प्रो. अनिल त्रिपाठी विशिष्ट अतिथि होंगे। कार्यक्रम में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और राज्य मंत्री रजनी तिवारी भी मौजूद रहेंगे। नई शिक्षा नीति, शोध आधारित शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, भारतीय ज्ञान परंपरा और भविष्य की शिक्षा दिशा पर विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि यह दीक्षांत समारोह सिद्धार्थ विश्वविद्यालय और सिद्धार्थनगर, दोनों के लिए ऐतिहासिक पहचान स्थापित करने वाला अवसर है। यह आयोजन जिले की शैक्षणिक छवि को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाने वाला टर्निंग पॉइंट होगा।

rkpNavneet Mishra

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