ग्रामीणों के जनआंदोलन का असर, बंधा व पक्का ठोकर निर्माण को लेकर सिंचाई विभाग हरकत में

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। केवलापुर खुर्द क्षेत्र के चानकी से जिनवापुर होते हुए आराजी सुबाईन तक बंधे के निर्माण तथा जिनवापुर और जगपुर गांव के पास पक्के ठोकर के निर्माण की लंबे समय से लंबित मांग को लेकर ग्रामीणों द्वारा किया गया जनआंदोलन आखिरकार प्रशासन और सिंचाई विभाग तक प्रभावी ढंग से पहुंचा। ग्रामीणों के निरंतर दबाव, एकजुटता और धरना-प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर सिंचाई विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया, जिससे वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है।
सिंचाई खंड द्वितीय के अवर अभियंता के.एम. सिंह के नेतृत्व में विभागीय टीम ने चानकी, जिनवापुर, जगपुर, जोगिया और आराजी सुबाईन गांवों का विस्तार से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने नदी की धारा, कटान की स्थिति, बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र, ग्रामीण आबादी की दूरी और पूर्व में हुए नुकसान का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी गईं और पूर्व वर्षों में आई बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी भी ली गई।
गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को जिला पंचायत सदस्य सुरेश चंद साहनी एवं सामाजिक कार्यकर्ता रवींद्र जैन के नेतृत्व में केवलापुर खुर्द स्थित राजगढ़ समय माता मंदिर परिसर में दो सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया था। धरने में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और उन्होंने बंधा तथा पक्का ठोकर निर्माण को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना था कि हर वर्ष बाढ़ के दौरान नदी का पानी गांवों में घुस जाता है, जिससे फसलों, घरों और जनजीवन को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
धरने की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार की रात करीब नौ बजे उपजिलाधिकारी सदर जितेंद्र कुमार, सिंचाई खंड द्वितीय के सहायक अभियंता जितेंद्र पटेल तथा थानाध्यक्ष चौक ओमप्रकाश गुप्ता धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच करीब एक घंटे तक गहन वार्ता हुई। ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे और तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों ने समस्याओं के स्थायी समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित किया।
निरीक्षण के उपरांत अवर अभियंता के.एम. सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर पूरे क्षेत्र का तकनीकी निरीक्षण किया गया है। बाढ़ से प्रभावित गांवों, नदी की स्थिति और संभावित खतरे का आंकलन कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस कार्ययोजना को शासन को भेजा जाएगा और स्वीकृति व धनराशि प्राप्त होते ही बंधा एवं पक्का ठोकर निर्माण का कार्य शीघ्र शुरू कराया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सदस्य सुरेश चंद साहनी, सामाजिक कार्यकर्ता रवींद्र जैन, अवर अभियंता मनीष वर्मा, जेई सुशील कुमार चौधरी के साथ-साथ अंगद चौहान, हरीश आर्य, धर्मेंद्र सिंह, सुनील सिंह, गणेश चौहान, ओमप्रकाश मौर्य, दिनेश यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने निरीक्षण पर संतोष व्यक्त करते हुए मांग की कि कार्ययोजना को शीघ्र स्वीकृति दिलाकर निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाए, ताकि आने वाली बाढ़ से स्थायी राहत मिल सके।

rkpnews@somnath

Recent Posts

शिक्षा मंत्री से मिला परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ समस्याओं के समाधान का मिला भरोसा

पटना(राष्ट्र की परम्परा)परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नवमनोनीत शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी…

6 hours ago

सांध्य ‘नित्य हलचल’ पर पीएचडी बनी विश्व का प्रथम शोधकार्य

शोधार्थी डॉ. मुकुट अग्रवाल के नाम दर्ज हुआ विश्व-रिकार्ड नारनौल/हरियाणा(राष्ट्र की परम्परा)हरियाणा की हिंदी-पत्रकारिता के…

7 hours ago

नीट संकट और परीक्षा-व्यवस्था की विश्वसनीयता

पारदर्शिता के नाम पर बार-बार टूटता भरोसा, और सुधार की अनिवार्य चुनौती नीट-2026 को लेकर…

7 hours ago

साइबर ठगी के शिकार युवक को मिली बड़ी राहत, पुलिस ने वापस कराए 65 हजार रुपये

थाना चौक साइबर सेल की तत्परता से पीड़ित के खाते में लौटी धनराशि, पुलिस टीम…

7 hours ago

सड़क और नाली की समस्या से जूझ रही केवटलिया की जनता

सड़क के धंसने से हादसों का खतरा बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)नगरपालिका स्थित केवटलिया की जनता सड़क…

7 hours ago

पुरुषोत्तम मास के स्वामी हैं भगवान विष्णु – आचार्य अजय

17 मई रविवार से शुरू होकर 15 जून सोमवार तक रहेगा पुरुषोत्तम मास सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र…

7 hours ago