गिरती शिक्षा व्यवस्था ने ग्रामीण बच्चों का भविष्य अधर में लटकाया, जागरूक लोगों ने उठाई आवाज

ऑन-लाइन शिक्षा व मोबाइल पर निर्भरता से अनुशासन वह सीखने की क्षमता प्रभावित

शिक्षा का अधिकार व्यापार में तब्दील

गिरती पढ़ाई गहराता संकट : बच्चे पीछे रहे, अभिभावक परेशान

डॉ सतीश पाण्डेय की रिपोर्ट

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। वर्तमान समय में शिक्षा व्यवस्था की गिरती गुणवत्ता ने ग्रामीण समाज को गहरी चिंता में डाल दिया है। सरकारी विद्यालयों की दुर्दशा, शिक्षकों की कमी और आधारभूत संसाधनों के अभाव ने बच्चों को ज्ञान से वंचित कर दिया है। गांवों में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे न तो प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में टिक पा रहे हैं और न ही उच्च शिक्षा में अपनी जगह बना पा रहे हैं।
निजी विद्यालयों की ऊँची फीस ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की कमर तोड़ दी है। शिक्षा का व्यवसायीकरण इतना बढ़ गया है कि अभिभावकों को मजबूरी में कर्ज लेकर बच्चों की पढ़ाई करानी पड़ रही है। इस कारण ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है।
भाजपा नेता पंकज राय का कहना है कि बच्चों को मजबूरी में प्राइवेट स्कूलों में भेजना पड़ रहा है, जहा फीस इतनी अधिक है कि आम आदमी के लिए भरना मुश्किल हो जाता है।
ग्राम प्रधान पकड़ी बिशुनपुर मु. हुसैन ने कहा कि यदि शिक्षा में सुधार के ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में ग्रामीण समाज और भी पिछड़ जाएगा और देश को योग्य लोगों की भारी कमी झेलनी पड़ेगी।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता पिंटू दुबे ने कहा कि शिक्षा में सुधार किये बिना विकास की कल्पना अधूरी है। गांव गांव में बेहतर विद्यालय आधुनिक संसाधन और प्रशिक्षित शिक्षक मुहैया कराना ही सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
भाजपा मंडल मंत्री घुघली दक्षिणी रिंकू गुप्ता ने कहा कि बिगड़ती शिक्षा व्यवस्था अब गांव-गांव की आम जनता का मुद्दा बन चुकी है। लोग चाहते हैं कि बच्चों के भविष्य के लिए तुरंत कारगर सुधार योजनाएं लागू हों।
ग्रामीणों का कहना है कि ऑन-लाइन शिक्षा व मोबाइल पर निर्भरता से अनुशासन व सीखने की क्षमता प्रभावित हो रही है। आज शिक्षा का अधिकार व्यापार में तब्दील हो गया है। गिरती पढ़ाई के वजह से बच्चे पिछड़ रहे हैं, जिससे अभिभावक परेशान हैं।

rkpnews@desk

Recent Posts

एफसीआरए 2026: राष्ट्रीय सुरक्षा की ढाल या लोकतांत्रिक स्वतंत्रता पर प्रहार?

फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल 2026: संप्रभुता, सिविल सोसाइटी और लोकतंत्र के बीच संतुलन का…

47 minutes ago

देवरिया-कुशीनगर में निवेश की बयार: बड़े उद्योगपतियों ने दिखाई दिलचस्पी

पूर्वांचल की तकदीर बदलने की तैयारी: देवरिया में निवेशकों का महामंथन देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।पूर्वांचल…

55 minutes ago

तेज रफ्तार ट्रेलर की टक्कर से कार क्षतिग्रस्त, बाल-बाल बचे पिता-पुत्र

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के मगहर हाईवे पर…

1 hour ago

सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, 30 दिन में सूचना देना अनिवार्य

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। राज्य सूचना आयुक्त राकेश कुमार ने मेहदावल तहसील में…

1 hour ago

प्रबंधक ने ग्रीष्मकालीन यात्रियों की सुविधाओ का व्यापक निरिक्षण किया

वाराणसी(राष्ट्र की परम्परा)l मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी आशीष जैन ने 04 अप्रैल,2026 शनिवार को ज्ञानपुर…

2 hours ago

सम्पूर्ण समाधान दिवस में 172 शिकायतों की सुनवाई, 22 का मौके पर निस्तारण

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के मेहदावल तहसील में जिलाधिकारी आलोक कुमार की…

2 hours ago