नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने जेईई मेन, नीट यूजी और सीयूईटी यूजी परीक्षाओं के लिए नए नियम लागू करने की घोषणा की है। अब परीक्षार्थियों को मनचाहा परीक्षा शहर चुनने की सुविधा नहीं मिलेगी और परीक्षा केंद्र आधार कार्ड में लिखे पते के आधार पर ही आवंटित किए जाएंगे।
आधार कार्ड में पते का महत्व
NTA ने छात्रों और अभिभावकों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी है कि आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से पहले आधार कार्ड में पते का सही अपडेट होना अनिवार्य है। आवेदन प्रक्रिया के बाद किसी भी प्रकार का बदलाव संभव नहीं होगा।
यह बदलाव शैक्षणिक सत्र 2026-27 के राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं में लागू होगा, जिनमें शुरुआत जेईई मेन-2026 (जनवरी सत्र) से होगी।
जरूरी निर्देश
आधार कार्ड और दसवीं कक्षा के सर्टिफिकेट में नाम, जन्मतिथि और अन्य जानकारियां एक जैसी होनी चाहिए।
यदि इन जानकारियों में अंतर होगा तो आवेदन रद्द किया जा सकता है।
आधार कार्ड का पता सही होना आवश्यक है, क्योंकि इसी के आधार पर परीक्षा केंद्र आवंटित होगा।
आरक्षित वर्ग के छात्रों के लिए सूचना
दिव्यांग, एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपने अपडेटेड आरक्षण प्रमाण पत्र तैयार रखें। इन दस्तावेजों में दी गई जानकारी आधार और दसवीं कक्षा के प्रमाण पत्र से मेल खानी चाहिए। आवेदन पत्र भरने के बाद इन दस्तावेजों में कोई बदलाव संभव नहीं होगा।
परीक्षा केंद्र आवंटन में बदलाव का उद्देश्य
NTA का कहना है कि यह बदलाव परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए किया जा रहा है। इसका मकसद परीक्षार्थियों को उनके निवास स्थान के नजदीकी केंद्र पर परीक्षा देने की सुविधा सुनिश्चित करना है और प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाना है।
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