महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सिंदुरिया चौराहे पर बन रही अर्धनिर्मित नाली इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। करीब 36 लाख रुपये की लागत से 400 मीटर लंबी इस नाली का निर्माण जिला पंचायत विभाग द्वारा कराया जा रहा है, लेकिन निर्माण कार्य के बीचो- बीच खड़ा बिजली का पोल अब हादसों को खुला निमंत्रण देता नजर आ रहा है।
जानकारी के अनुसार मुख्य चौराहे से झनझनपुर मार्ग होते हुए पोखरे तक बनाई जा रही यह नाली धीमी गति और अनियमितताओं के आरोपों से घिर गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है, वहीं बीच नाली में खड़े पेड़ और बिजली के खंभे खतरे का कारण बने हुए है।
नाली निर्माण के चलते जहां सड़क संकरी हो गई है, वहीं दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। ऊपर से बीच नाली में खड़ा बिजली पोल राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। बारिश या करंट की आशंका की स्थिति में यह पोल कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
स्थानीय व्यापारियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि निर्माणाधीन नाली के बीच से पेड़ों और बिजली के खंभों को तत्काल हटवाया जाए, ताकि भविष्य में किसी अनहोनी से बचा जा सके।
अवर अभियंता दीपक साहनी ने बताया कि प्रस्ताव में पेड़ों और विद्युत पोल को हटवाने का उल्लेख था, लेकिन कार्य शुरू होने के बाद किसी भी स्तर पर पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि फिलहाल पोल को नाली के बीच ही जाम किया जा सकता है और बाद में असुविधा होने पर हटवाया जाएगा।
यह बयान खुद कई सवाल खड़े करता है—क्या पहले खतरा खड़ा किया जाएगा और फिर समाधान तलाशा जाएगा।
सिंदुरिया चौराहे पर खड़ा यह ‘खतरे का खंभा’ अब प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक बनता जा रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर किस बड़ी दुर्घटना का इंतजार किया जा रहा है? अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग समय रहते पहल करता है या फिर यह अर्धनिर्मित नाली और बीच का पोल किसी अनहोनी की वजह बनता है।
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