सोमनाथ मिश्रा की कलम से
देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। तहसील सलेमपुर में पत्रकारों के साथ हुए दुर्व्यवहार का मामला अब गहराता जा रहा है। जिले भर के पत्रकारों में घटना को लेकर जबरदस्त आक्रोश है। मंगलवार को क्षेत्रीय पत्रकार एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमल पटेल के नेतृत्व में सैकड़ों पत्रकारों ने सुभाष चौक पर धरना देकर विरोध जताया और आरोपी लेखपाल के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की माँग की।
धरने पर बैठे पत्रकारों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि पीड़ित पत्रकारों को शीघ्र न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन और अधिक उग्र होगा। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ अभद्रता और हिंसा का यह मामला बेहद निंदनीय है और किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि बीते दिनों पत्रकार कालिका तिवारी और गंगेश पाण्डेय तहसील परिसर में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर समाचार संकलन के लिए पहुँचे थे, जहाँ लेखपाल अशोक कुमार द्वारा गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। यही नहीं, पत्रकार गंगेश पाण्डेय की जेब से ₹863 रुपए छीनने का भी आरोप है। पीड़ितों ने सलेमपुर कोतवाली में तहरीर देकर निष्पक्ष जांच व कड़ी कार्रवाई की माँग की है।
इससे पूर्व रविवार को भी सलेमपुर और भाटपार रानी क्षेत्र के सैकड़ों पत्रकारों ने कोतवाली पहुंचकर आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तारी की माँग की थी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष कमल पटेल ने कहा, “जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती और आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को स्पष्ट नीति बनानी होगी।”
धरने में वरिष्ठ पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि यह मामला केवल दो पत्रकारों का नहीं, बल्कि पूरे पत्रकार समाज की प्रतिष्ठा और सुरक्षा का है। यदि दोषियों के विरुद्ध जल्द कार्रवाई नहीं होती, तो पत्रकार सड़क से सदन तक संघर्ष करने को बाध्य होंगे।
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